
Manipur मणिपुर: कुकी ऑर्गनाइज़ेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट (KOHUR) ने भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित मोलनोई कुकी गांव में हुई आगजनी की घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे एक सुनियोजित हमला बताते हुए गंभीर चिंता जताई है।
KOHUR के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब तंगखुल नागा समुदाय से जुड़े हथियारबंद उग्रवादियों ने कथित रूप से कुकी आदिवासी बस्ती को निशाना बनाया। संगठन का आरोप है कि यह हमला पूर्व-नियोजित था और इसका उद्देश्य गांव में दहशत फैलाना था।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में गांव के लगभग 20 घरों में से करीब 13 घर जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गए। आग लगने के कारण बड़ी संख्या में घरों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई परिवार बेघर हो गए हैं।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले की आशंका को देखते हुए कई ग्रामीण समय रहते गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे, जिसके चलते जनहानि टल गई।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय समुदायों में दहशत देखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को भी मामले की जानकारी दी गई है और क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
KOHUR ने इस हमले को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन की ओर से घटना की जांच शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की मांग भी तेज हो गई है।





