
Manipur मणिपुर: ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मणिपुर (ANSAM) ने राज्य सरकार को छह लियांगमाई नागा लोगों का पता लगाने के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि इन लोगों का कथित तौर पर सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स (SoO) समझौते के तहत सक्रिय कुकी उग्रवादी समूहों द्वारा अपहरण किया गया है।
ANSAM ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई ठोस कार्रवाई या प्रगति नहीं हुई, तो संगठन व्यापक स्तर पर बहिष्कार (बॉयकॉट) की कार्रवाई करेगा।
यह निर्णय 24 मई को आयोजित संगठन की आपात बैठक के बाद लिया गया, जिसमें मणिपुर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में 13 मई को हुई एक अन्य घटना पर भी चर्चा हुई, जिसमें 18 लियांगमाई नागा लोगों और लीलोन वैफेई गांव के निवासियों के कथित अपहरण का मुद्दा उठाया गया था।
संगठन के अनुसार, यह घटना दिन के समय लीमाखोंग सैन्य क्षेत्र के पास, 57 माउंटेन डिवीजन के समीप हुई थी। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ANSAM का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं स्थानीय समुदायों में असुरक्षा और असंतोष को बढ़ा रही हैं। संगठन ने सरकार से अपील की है कि वह लापता लोगों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
इस बीच, राज्य प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जांच की प्रक्रिया जारी होने की संभावना है।
ANSAM के इस अल्टीमेटम के बाद मणिपुर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।





