
Manipur मणिपुर: उखरुल (मणिपुर)। मणिपुर के उखरुल जिले में 21 मई को मोंगकोट चेपू गांव पर कथित हमले को लेकर कुकी CSO वर्किंग कमेटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति ने दावा किया है कि घटना के बाद कुछ समूहों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से उत्पन्न भ्रामक जानकारी फैलाकर स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
एक बयान में कमेटी ने कहा कि कथित तौर पर NSCN ईस्टर्न फ्लैंक से जुड़े हथियारबंद हमलावरों ने दोपहर करीब 2:05 बजे लिटन-सरेइखोंग बेल्ट में स्थित गांव पर समन्वित हमला किया। इस घटना से इलाके में करीब एक सप्ताह से बनी शांति व्यवस्था प्रभावित हुई।
कमेटी के अनुसार, हमले के बाद कई घंटों तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। इस दौरान गांव के स्वयंसेवकों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई भी की। जानकारी के मुताबिक, शाम लगभग 5:30 बजे तक दोनों पक्षों के बीच फायरिंग जारी रही, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
कुकी CSO वर्किंग कमेटी का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने “हाई-ग्रेड हथियारों” का इस्तेमाल किया, जिनमें भारी गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री शामिल थी। संगठन ने इसे एक सुनियोजित तरीके से क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश बताया है।
समिति ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल स्थानीय शांति प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं, बल्कि क्षेत्र में पहले से मौजूद संवेदनशील स्थिति को और जटिल बना देती हैं।
इसके साथ ही संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर AI आधारित गलत सूचनाएं फैलाकर वास्तविक स्थिति को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखे जाने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





