मणिपुर

मणिपुर में NH-202 पर 72 घंटे में ब्लॉकेड हटाने का अल्टीमेटम

Harrison
7 April 2026 9:15 PM IST
मणिपुर में NH-202 पर 72 घंटे में ब्लॉकेड हटाने का अल्टीमेटम
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Manipur मणिपुर: Manipur में कुकी समुदाय की नागरिक संगठनों (CSOs) ने नेशनल हाईवे-202 पर जारी इकोनॉमिक ब्लॉकेड को लेकर कड़ा संदेश दिया है। कुकी CSO वर्किंग कमेटी (WCKCSOs) ने तांगखुल सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइज़ेशन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें कहा गया है कि ब्लॉकेड तुरंत हटाया जाए।

WCKCSOs ने अपने बयान में इसे “चुप लेकिन जानबूझकर की गई इकोनॉमिक ब्लॉकेड” करार दिया। संगठन ने कहा कि यह ब्लॉकेड स्थानीय जनता, व्यापार और परिवहन गतिविधियों पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 72 घंटे के भीतर ब्लॉकेड नहीं हटाया गया तो वे आगे की कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे।

संगठन ने यह भी कहा कि NH-202 मणिपुर के लिए एक प्रमुख व्यापार और परिवहन मार्ग है। ब्लॉकेड के कारण न केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और रोज़मर्रा के जीवन में भी बाधा आ रही है। WCKCSOs ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित पक्षों से अपील की कि वे स्थिति को गंभीरता से लें और जनता की समस्याओं को तुरंत हल करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के इकोनॉमिक ब्लॉकेड क्षेत्रीय स्थिरता और स्थानीय विकास के लिए जोखिमपूर्ण होते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विवादों को संवाद और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से हल किया जाना चाहिए, ताकि सामान्य नागरिकों की ज़िंदगी प्रभावित न हो।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ब्लॉकेड के कारण NH-202 पर यातायात ठप हो गया है और बड़ी संख्या में वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थानीय व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि यह ब्लॉकेड व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।

WCKCSOs ने कहा कि वे इस अल्टीमेटम को आखिरी चेतावनी मान रहे हैं और यदि ब्लॉकेड नहीं हटता है तो वे प्रशासन और राज्य सरकार को समस्या से अवगत कराएंगे। संगठन ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल रास्ते को खुलवाना और आर्थिक गतिविधियों को सुचारू बनाना है।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संबंधित अधिकारियों को अल्टीमेटम और स्थानीय परेशानियों की जानकारी दे दी गई है। प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का आग्रह किया है।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि NH-202 मणिपुर की अर्थव्यवस्था और जनता के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मार्ग की अवरुद्ध स्थिति से दैनिक जरूरतों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

स्थानीय नागरिक और व्यापारी इस अल्टीमेटम का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि वे चाहते हैं कि मार्ग जल्दी से जल्दी खुल जाए। उन्होंने कहा कि ब्लॉकेड के कारण रोज़मर्रा की ज़िंदगी और व्यापार में भारी कठिनाइयाँ पैदा हो रही हैं।

WCKCSOs ने अपने बयान में यह भी कहा कि वे शांति और कानूनी तरीकों के दायरे में रहते हुए इस मुद्दे को हल करना चाहते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद स्थापित करने की अपील की है।

इस अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद ही स्थिति में सुधार होगा या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, NH-202 पर ट्रैफ़िक और व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित बनी हुई हैं।

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