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MBBS एडमिशन के नाम पर 1.13 करोड़ की ठगी मामले में महिला गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई की पवई पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुणे की एक 32 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने दुबई में रहने वाली एक भारतीय महिला व्यवसायी से उसकी बेटी का MBBS में एडमिशन कराने का झांसा देकर 1.13 करोड़ रुपये की ठगी की।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी महिला की पहचान सौम्या करण बोथरा के रूप में हुई है। उसे 13 अगस्त को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि वह कथित तौर पर दुबई जाने की कोशिश कर रही थी, तभी इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे रोक लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी महिला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। इसी के आधार पर एयरपोर्ट पर तैनात इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसकी पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद पवई पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे अपनी कस्टडी में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि यह मामला मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर की गई कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, दुबई में रहने वाली एक भारतीय महिला व्यवसायी अपनी बेटी के लिए मुंबई या पुणे के किसी प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट चाहती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी महिला और उसके पति से हुई।
आरोप है कि सौम्या बोथरा और उसके पति करण दिलीप बोथरा ने व्यवसायी को भरोसा दिलाया कि वे उसकी बेटी का मेडिकल कॉलेज में एडमिशन करा सकते हैं। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन और संबंधित लोगों से संपर्क होने का दावा किया और एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया।
पुलिस के अनुसार, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने महिला व्यवसायी से अलग-अलग समय पर कुल 1.13 करोड़ रुपये लिए। हालांकि, जब तय समय के बाद भी बेटी का एडमिशन नहीं हुआ तो पीड़ित महिला को शक हुआ। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत मिलने के बाद पवई पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कई अहम जानकारियां मिलीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सौम्या बोथरा के खिलाफ लुकआउट अलर्ट जारी कराया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में आरोपी महिला का पति करण दिलीप बोथरा मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि करण अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। जांच एजेंसियां उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इससे पहले भी किसी अन्य छात्र या अभिभावक से मेडिकल एडमिशन के नाम पर ठगी तो नहीं की है।
मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। कई बार आरोपी अभिभावकों की मजबूरी और मेडिकल सीट की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर उनसे बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को किसी भी एजेंट या बिचौलिए पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, MBBS जैसे प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश के लिए केवल अधिकृत प्रक्रिया और आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करना चाहिए। किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत संपर्क या गारंटी के आधार पर बड़ी रकम देना जोखिम भरा हो सकता है।
फिलहाल पवई पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ठगी के पूरे नेटवर्क और फरार आरोपी करण बोथरा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। 1.13 करोड़ रुपये की ठगी के इस मामले ने एक बार फिर मेडिकल एडमिशन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को लेकर चिंता बढ़ा दी है।





