महाराष्ट्र

क्या नेता बनेंगे तुकाराम मुंढे खुद किया खुलासा

Ratna Netam
15 Aug 2026 4:31 PM IST
क्या नेता बनेंगे तुकाराम मुंढे खुद किया खुलासा
x
मुंबई। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे इन दिनों अपनी सख्त कार्यशैली को लेकर देशभर में चर्चा में हैं। 25 मई 2026 को महाराष्ट्र एफडीए का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट, थोक विक्रेताओं और क्विक कॉमर्स कंपनियों के डार्क स्टोर पर लगातार कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके काम की प्रशंसा करते हुए उन्हें राजनीति में आने की सलाह दे रहे हैं। अब मुंढे ने स्वयं स्पष्ट कर दिया है कि उनका राजनीति में प्रवेश करने का कोई इरादा नहीं है।
एनडीटीवी प्रॉफिट को दिए इंटरव्यू में तुकाराम मुंढे ने राजनीति में आने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति उनके बस का काम नहीं है। मुंढे के मुताबिक उनके जैसा व्यक्ति, जो अपनी बात सीधे और स्पष्ट तरीके से कहता है, शायद राजनीति में स्थापित नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कानून और नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं।
मुंढे ने अपने व्यवहार को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी सीधी और सख्त कार्यशैली को अहंकार मानते हैं। उनके अनुसार घमंडी होने और अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखने के बीच बहुत पतला अंतर होता है। उन्होंने कहा कि उनका स्वभाव शुरू से ऐसा ही रहा है और वह नियमों के पालन में समझौता नहीं करते।
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में महाराष्ट्र एफडीए ने हाल के दिनों में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर व्यापक अभियान चलाया है। विभाग ने रेस्टोरेंट और खाद्य सामग्री रखने वाले प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, एक्सपायरी डेट, भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी नियमों की जांच की। कुछ प्रतिष्ठानों में गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां मिलने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। महाराष्ट्र में डोमिनोज और पिज्जा हट के कुछ आउटलेट भी स्वच्छता संबंधी कथित उल्लंघनों के बाद बंद कराए गए।
एफडीए ने 13 अगस्त को राज्यभर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खाद्य सामग्री बेचने और पहुंचाने वाले 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के बाद 60 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट सहित अलग-अलग कंपनियों से जुड़े 14 प्रतिष्ठानों के फूड बिजनेस लाइसेंस निलंबित किए गए। इनमें पांच लाइसेंस ब्लिंकिट, पांच जेप्टो और दो इंस्टामार्ट से जुड़े प्रतिष्ठानों के थे। शेष दो लाइसेंस अन्य प्रतिष्ठानों से संबंधित थे।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि संबंधित अभियान में 14 लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द नहीं किए गए, बल्कि निलंबित किए गए हैं। महाराष्ट्र एफडीए के अनुसार निरीक्षण में एक्सपायरी खाद्य सामग्री, गंदगी, कीटों की मौजूदगी और भंडारण से जुड़ी कथित कमियां सामने आई थीं। विभाग ने प्रतिष्ठानों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
महाराष्ट्र एफडीए ने नागपुर और सोलापुर जिलों में कथित रूप से बिना अनुमति गर्भपात की दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़े मामलों का भी खुलासा किया है। अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में आठ लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें ऑनलाइन मार्केटप्लेस इंडियामार्ट के निदेशक भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी किट और दूसरी दवाएं जब्त की गईं। मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
तुकाराम मुंढे को नियमों के सख्त पालन और तेज प्रशासनिक फैसलों के लिए जाना जाता है। उनके करीब दो दशक के प्रशासनिक करियर में 25 बार तबादला होने की खबरें सामने आती रही हैं। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में मुंढे ने कहा था कि वह बार-बार होने वाले तबादलों को नकारात्मक रूप से नहीं देखते। उनके अनुसार हर नई जिम्मेदारी उन्हें अलग स्थान पर काम करने और अधिक लोगों की सेवा करने का अवसर देती है।
मुंढे का कहना है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की प्राथमिकता नागरिकों को सुरक्षित भोजन और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना है। उनकी हालिया कार्रवाइयों के बाद जहां आम लोग खाद्य सुरक्षा को लेकर ज्यादा जागरूक हुए हैं, वहीं प्रतिष्ठानों पर नियमों का पालन करने का दबाव भी बढ़ा है। राजनीति में आने की चर्चा को खारिज कर मुंढे ने फिलहाल साफ कर दिया है कि वह प्रशासनिक सेवा में रहते हुए ही अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
Next Story