महाराष्ट्र

मुंबई की सातों झीलों में 83.68% जल भंडार, पिछले 24 घंटे में 6% से अधिक बढ़ा पानी

Kavita2
25 July 2026 11:27 AM IST
मुंबई की सातों झीलों में 83.68% जल भंडार, पिछले 24 घंटे में 6% से अधिक बढ़ा पानी
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मुंबई : मुंबई शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों में जल भंडार की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की ओर से जारी 25 जुलाई 2026 की सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली झीलों में कुल जल स्टॉक 12,11,188 मिलियन लीटर (ML) तक पहुंच गया है। यह कुल उपयोगी जल भंडारण क्षमता 14,47,363 ML का 83.68 प्रतिशत है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान जलाशयों में पानी के स्टॉक में 6.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मानसून के दौरान हुई अच्छी बारिश के कारण मुंबई की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है और झीलों के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

मुंबई की जल जरूरतों को पूरा करने वाली प्रमुख झीलों में मोदक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार, तुलसी और ऊपरी वैतरणा शामिल हैं। इन जलाशयों से शहर के लाखों नागरिकों को रोजाना पीने का पानी उपलब्ध कराया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, मोदक सागर, विहार और तुलसी झीलें अपनी पूरी क्षमता तक भर चुकी हैं। इन तीनों जलाशयों में जल स्तर 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं, तानसा झील में 98.45 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जबकि भातसा झील 82.68 प्रतिशत क्षमता तक भर चुकी है।

मध्य वैतरणा झील में जल भंडार 80.73 प्रतिशत और ऊपरी वैतरणा झील में 68.11 प्रतिशत क्षमता तक पहुंच गया है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मानसून के दौरान जलाशयों में पानी की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।

मुंबई जैसे बड़े महानगर के लिए झीलों में पर्याप्त जल भंडार होना बेहद महत्वपूर्ण है। शहर की आबादी करोड़ों में है और रोजाना बड़ी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। ऐसे में मानसून के दौरान जलाशयों का भरना आने वाले महीनों के लिए राहत की खबर मानी जाती है।

नगर प्रशासन हर साल मानसून के दौरान झीलों में पानी की स्थिति पर नजर रखता है। हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग नियमित रूप से जल स्तर की निगरानी करता है और इसके आधार पर शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था की योजना तैयार की जाती है।

पिछले कुछ वर्षों में मानसून की अनिश्चितता के कारण मुंबई में जल संकट की स्थिति भी सामने आती रही है। कम बारिश होने पर झीलों में पानी की कमी हो जाती है और प्रशासन को जल कटौती जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। ऐसे में इस साल झीलों में बेहतर जल भंडारण शहर के लिए सकारात्मक संकेत है।

अधिकारियों के अनुसार, जलाशयों में पानी की उपलब्धता मौसम की स्थिति और बारिश पर निर्भर करती है। इसलिए आने वाले दिनों में भी झीलों के जल स्तर पर लगातार नजर रखी जाएगी।

मुंबई महानगरपालिका की ओर से नागरिकों से भी अपील की जाती है कि वे पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करें। पर्याप्त जल भंडार होने के बावजूद पानी की बचत जरूरी है, क्योंकि पूरे साल शहर की जरूरतों को पूरा करने के लिए जल संसाधनों का संतुलित प्रबंधन आवश्यक होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान जलाशयों का तेजी से भरना शहर की जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इससे गर्मी के महीनों में पानी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है और आपात स्थिति से निपटने की क्षमता बढ़ती है।

फिलहाल मुंबई की सातों झीलों में जल भंडार की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। 12,11,188 ML पानी का स्टॉक और 83.68 प्रतिशत उपयोगी क्षमता तक पहुंचना शहर के लिए राहत की खबर है। प्रशासन की नजर अब आने वाली बारिश और जलाशयों के स्तर पर बनी रहेगी, ताकि पूरे वर्ष जल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रखी जा सके।

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