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Mumbai की झीलों में जलस्तर बढ़ा, स्टॉक 9.41 प्रतिशत पहुंचा

Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई में शहर को पीने का पानी सप्लाई करने वाले कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद जलस्रोतों में सुधार जारी है। शनिवार को जारी हाइड्रोलिक इंजीनियर डिपार्टमेंट की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सात प्रमुख झीलों में कुल उपयोगी पानी का स्टॉक बढ़कर 9.41 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह पिछले कुछ दिनों से जारी मॉनसून की तेज गतिविधियों का सीधा असर है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई के इन सात जलाशयों में अब कुल मिलाकर 1,36,137 मिलियन लीटर पानी जमा हो चुका है। जबकि शुक्रवार को यह आंकड़ा 1,29,309 मिलियन लीटर था। इस तरह एक ही दिन में पानी के भंडारण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो लगातार हो रही बारिश के कारण संभव हो सकी है।
पिछले एक सप्ताह से मुंबई और उसके आसपास के कैचमेंट क्षेत्रों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते नदियों और जलाशयों में पानी का प्रवाह बढ़ा है, जिससे झीलों के जलस्तर में सुधार देखने को मिल रहा है। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को आंशिक राहत मिली है।
मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली ये सातों झीलें शहर की जीवनरेखा मानी जाती हैं, क्योंकि इन्हीं जलाशयों से करोड़ों लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जाता है। गर्मी के मौसम और कम बारिश के समय इनका जलस्तर काफी नीचे चला जाता है, जिससे पानी की किल्लत की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में मानसून की शुरुआत के साथ जलस्तर में सुधार को एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अगर आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश जारी रहती है, तो जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी भी स्टॉक सामान्य स्तर से काफी कम है और पूरी तरह से संतुलित स्थिति में पहुंचने में समय लगेगा।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पानी के भंडारण में सुधार से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन पानी की खपत पर अभी भी नियंत्रण रखना जरूरी है। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे पानी का उपयोग सावधानी से करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों की तुलना में इस बार मानसून की शुरुआत में जलस्तर में सुधार अपेक्षाकृत बेहतर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून सामान्य या उससे अधिक सक्रिय रहता है तो आने वाले हफ्तों में जलाशयों की स्थिति और बेहतर हो सकती है।
मुंबई की इन झीलों में भंडारण स्तर में सुधार का सीधा असर शहर की जल आपूर्ति प्रणाली पर पड़ता है। जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ता है, पानी की सप्लाई अधिक स्थिर और निर्बाध होती जाती है, जिससे गर्मियों में होने वाली पानी की कमी की समस्या कम हो जाती है।
हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अभी भी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और लंबे समय तक पर्याप्त बारिश आवश्यक है ताकि जलाशय अपनी पूरी क्षमता तक भर सकें।
कुल मिलाकर, मुंबई के कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार बारिश से शहर के जलाशयों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। सात झीलों में जल भंडारण बढ़कर 9.41 प्रतिशत तक पहुंचना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन पानी की स्थिति अभी भी स्थिरता के लिए और बारिश पर निर्भर बनी हुई है।





