महाराष्ट्र

बारिश से मैथन पंचेत डैम का जलस्तर बढ़ा

Kavita2
2 Sept 2026 12:13 PM IST
बारिश से मैथन पंचेत डैम का जलस्तर बढ़ा
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धनबाद। पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण मैथन और पंचेत डैम के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार पानी आने के चलते दामोदर घाटी निगम (DVC) के अधिकारियों ने दोनों जलाशयों की निगरानी बढ़ा दी है। स्थिति को देखते हुए मैथन डैम की गैलरी खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी गई है।

DVC के अनुसार, फिलहाल दोनों डैम का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी का प्रवाह जारी रहने के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में जल प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।

मैथन डैम का जलस्तर 485 फीट

DVC से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैथन डैम का जलस्तर बढ़कर 485 फीट तक पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 495 फीट निर्धारित है। इस लिहाज से डैम का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से करीब 10 फीट नीचे है।

हालांकि जलाशय में लगातार पानी आने के कारण अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का असर जलाशय के जलस्तर पर सीधे पड़ रहा है।

पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए मैथन डैम की गैलरी खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई है। इससे जलाशय में जमा पानी को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पंचेत डैम भी बढ़ा

पंचेत डैम का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। DVC के मुताबिक यहां पानी का स्तर 415 फीट तक पहुंच गया है। पंचेत डैम का खतरे का निशान 425 फीट है।

इस प्रकार पंचेत डैम भी फिलहाल खतरे के निशान से करीब 10 फीट नीचे है। दोनों प्रमुख डैम में खतरे के निशान और वर्तमान जलस्तर के बीच लगभग समान अंतर बना हुआ है।

हालांकि बारिश की तीव्रता और जलग्रहण क्षेत्र से आने वाले पानी के आधार पर जलस्तर में आगे भी बदलाव हो सकता है।

तीन दिनों से लगातार बारिश

मैथन और पंचेत डैम के जलस्तर में वृद्धि का प्रमुख कारण पिछले तीन दिनों से जारी मूसलधार बारिश बताई जा रही है। स्थानीय क्षेत्र के साथ-साथ ऊपरी जलग्रहण इलाकों में भी बारिश होने से बड़ी मात्रा में पानी जलाशयों की ओर पहुंच रहा है।

लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों में पानी का प्रवाह बढ़ जाता है। इसका असर डैम के जलस्तर पर भी दिखाई देता है।

ऐसे में DVC के अधिकारियों के लिए जलस्तर की नियमित निगरानी करना जरूरी हो गया है।

गैलरी खोलकर पानी की निकासी

मैथन डैम में पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए गैलरी खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई है। जल निकासी का उद्देश्य जलाशय में पानी के दबाव को नियंत्रित रखना है।

डैम से पानी छोड़ने की प्रक्रिया जलस्तर, जलप्रवाह और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर की जाती है। लगातार बारिश की स्थिति में जल प्रबंधन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

अधिकारियों की निगरानी इस बात पर केंद्रित है कि जलाशय में आने वाले पानी और निकासी के बीच संतुलन बना रहे।

खतरे के निशान से अभी नीचे

दोनों डैम में पानी का स्तर बढ़ने के बावजूद फिलहाल खतरे के निशान को पार नहीं किया गया है। मैथन का जलस्तर 485 फीट और पंचेत का 415 फीट है। दोनों के लिए खतरे का स्तर क्रमश: 495 और 425 फीट है।

इसका मतलब है कि दोनों जलाशयों में अभी करीब 10 फीट का अंतर बना हुआ है। हालांकि यह अंतर स्थिर रहेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी के आधार पर जलस्तर लगातार बदल सकता है।

इसी वजह से अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी है।

ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों पर नजर

डैम के जलस्तर को प्रभावित करने में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों की बारिश की बड़ी भूमिका होती है। वहां होने वाली बारिश का पानी नदियों और जलधाराओं के माध्यम से जलाशयों तक पहुंचता है।

यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहता है तो मैथन और पंचेत में पानी की आवक और बढ़ सकती है। ऐसे में जलाशयों के प्रबंधन के लिए समय रहते निर्णय लेना जरूरी होगा।

DVC अधिकारी पानी की आवक और जलस्तर में हो रहे बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।

आसपास के इलाकों में सतर्कता

डैम में बढ़ते जलस्तर के बीच आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाना जरूरी है। जलाशयों से पानी की निकासी होने पर निचले क्षेत्रों में पानी के प्रवाह में बदलाव हो सकता है।

हालांकि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों डैम खतरे के निशान से नीचे हैं। इसके बावजूद लगातार बारिश को देखते हुए लोगों को नदी और जलाशय के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए।

जल प्रबंधन की चुनौती

मैथन और पंचेत जैसे बड़े जलाशय क्षेत्र की जल व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बारिश के मौसम में इनका जलस्तर नियंत्रित रखना बड़ी जिम्मेदारी होती है।

एक ओर जलाशय में पर्याप्त पानी का भंडारण जरूरी होता है, वहीं दूसरी ओर अत्यधिक जलस्तर से सुरक्षा के लिए नियंत्रित निकासी भी करनी पड़ती है। लगातार बारिश की स्थिति में यह संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

मैथन में गैलरी खोलकर पानी की निकासी इसी जल प्रबंधन प्रक्रिया का हिस्सा है।

आगे भी जारी रहेगी निगरानी

पिछले तीन दिनों से बारिश जारी रहने के कारण फिलहाल अधिकारियों की नजर मौसम और जलाशयों में पानी की आवक पर बनी हुई है। मैथन डैम का स्तर 485 फीट और पंचेत डैम का 415 फीट तक पहुंच चुका है।

दोनों जलाशयों का खतरे का निशान 10 फीट ऊपर है। लेकिन यदि बारिश का दौर जारी रहा और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ी तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

ऐसे में DVC की निगरानी और जल निकासी व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल मैथन डैम से गैलरी के जरिए पानी निकाला जा रहा है और दोनों जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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