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महाराष्ट्र में वोटर वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू, BLO करेंगे घर-घर सर्वे

Maharashtra महाराष्ट्र: इलेक्शन कमीशन ने स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रोसेस के तहत बड़े पैमाने पर वोटर वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य राज्य के वोटर रोल की सटीकता और पारदर्शिता को बढ़ाना है।
महाराष्ट्र के चीफ इलेक्शन ऑफिसर एस. चोकलिंगम ने बताया कि इस अभियान में एक लाख से ज़्यादा बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर वोटरों का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। इस दौरान वोटरों को अपने घर के पते की पुष्टि करनी होगी और वेरिफिकेशन फॉर्म पर साइन करना होगा। BLO हर घर में तीन बार तक जाएंगे। यदि कोई वोटर तीन बार प्रयास के बाद भी उपस्थित नहीं होता है, तो SIR प्रावधान के तहत उसका नाम वोटर रोल से हटाया जा सकता है।
चोकलिंगम ने बताया कि इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया के निर्देशों के अनुसार इस ड्राइव की तैयारी पहले से ही चल रही थी। इसमें 2003–04 और 2024 की वोटर रोल के बीच नाम-मैचिंग प्रक्रिया शामिल है, जिसका लगभग 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस मैपिंग प्रक्रिया के बाद फिजिकल वेरिफिकेशन और आसान होगा।
SIR प्रोसेस में नागरिकों की नागरिकता की जानकारी की जांच भी शामिल है। अधिकारी अलग-अलग टाइमलाइन के आधार पर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया की जाँच करेंगे, जिसमें 1987 और 2004 से पहले और बाद में लागू जन्म और माता-पिता की नागरिकता से जुड़े नियमों की समीक्षा भी शामिल है।
चोकलिंगम ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया शुरू करने में थोड़ी देरी हुई है क्योंकि एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी लोकल बॉडी चुनावों में लगी हुई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने शहरी इलाकों में वेरिफिकेशन की चुनौतियों का भी ज़िक्र किया। ऊँची रिहायशी इमारतों में रहने वाले लोग अपने पड़ोसियों को अक्सर नहीं जानते, जिससे वेरिफिकेशन प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह काम अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।
इस अभियान के तहत सभी वोटरों को घर पर उपस्थित रहकर अपना पता और पहचान सुनिश्चित करनी होगी। BLO घर-घर सर्वे करके यह सुनिश्चित करेंगे कि वोटर रोल में दर्ज जानकारी सही है और कोई त्रुटि नहीं है। चोकलिंगम ने कहा कि यह प्रक्रिया राज्य में वोटिंग सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR ड्राइव के तहत किसी भी तरह की अनियमितता नहीं बर्दाश्त की जाएगी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस तरह के फिजिकल वेरिफिकेशन से न केवल वोटर रोल की शुद्धता बढ़ेगी, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।





