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महाराष्ट्र : एक बार फिर राजनीतिक विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाए जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने उसे हटा दिया।
बताया जा रहा है कि यह घटना महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे की मौजूदगी से जुड़ी हुई है। हालांकि, इस मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग एक तस्वीर को हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी, जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास लगाया गया था।
Pune - Maharashtra Navnirman Sena leader Amit Thackeray on Monday objected after seeing a photograph of Prime Minister Narendra Modi displayed in a college office in Pune. Thackeray was inspecting the mess and hostel of a polytechnic engineering college when he noticed the Prime… pic.twitter.com/LcfosAWJY9
— NextMinute News (@nextminutenews7) August 31, 2026
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने इसे शिवाजी महाराज के सम्मान से जोड़कर देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक विवाद बताया।
अमित ठाकरे से जोड़ा जा रहा मामला
इस पूरे घटनाक्रम को मनसे नेता अमित ठाकरे से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि अमित ठाकरे इस कार्यक्रम में मौजूद थे और वहां शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास प्रधानमंत्री मोदी की फोटो देखे जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई।
हालांकि, इस संबंध में अमित ठाकरे की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मनसे कार्यकर्ताओं ने जताई आपत्ति
दावे के अनुसार, मनसे कार्यकर्ताओं ने शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाए जाने पर नाराजगी जताई और उसे वहां से हटा दिया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं और उनके स्थान को लेकर विशेष सम्मान रखा जाना चाहिए।
हालांकि, पूरे मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया
महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज से जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बनते रहे हैं।
शिवाजी महाराज को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी विचारधारा और भावनाओं के अनुसार बयान देते रहे हैं। ऐसे में तस्वीर हटाने का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
विपक्षी और सत्तापक्ष के समर्थक सोशल मीडिया पर अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं।
कुछ यूजर्स ने मनसे कार्यकर्ताओं के कदम का समर्थन किया और इसे शिवाजी महाराज के सम्मान से जोड़ा।
वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि किसी भी नेता की तस्वीर को लेकर इस तरह का विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है।
शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र में विशेष स्थान
छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के इतिहास और संस्कृति में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
उनसे जुड़े प्रतीकों और तस्वीरों को लेकर महाराष्ट्र में लोगों की भावनाएं काफी मजबूत हैं।
यही वजह है कि शिवाजी महाराज से जुड़े किसी भी मामले पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया तेजी से सामने आती है।
विवाद के पीछे की पूरी जानकारी का इंतजार
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन घटना की पूरी परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं।
यह भी साफ नहीं है कि तस्वीर किस स्थान पर लगाई गई थी और उसे हटाने की वास्तविक वजह क्या थी।
मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
आगे बढ़ सकता है मामला
वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।
मनसे और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर है।
फिलहाल शिवाजी महाराज की तस्वीर और प्रधानमंत्री मोदी की फोटो को लेकर शुरू हुआ यह विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।





