मध्य प्रदेश

नगर परिषद बैठक में कचरे के मुद्दे पर हंगामा, विपक्ष नेता को बाहर निकालने का दिया गया आदेश

Kavita2
18 July 2026 11:35 AM IST
नगर परिषद बैठक में कचरे के मुद्दे पर हंगामा, विपक्ष नेता को बाहर निकालने का दिया गया आदेश
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : शुक्रवार को हुई नगर परिषद की बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब शहर में फैली गंदगी और कचरे की समस्या को लेकर विपक्ष के नेता अमर रोचलानी और परिषद की चेयरपर्सन भारती कमेड़िया के बीच तीखी बहस हो गई। बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान माहौल गर्म हो गया और स्थिति ऐसी बन गई कि चेयरपर्सन ने विपक्ष के नेता को सदन से बाहर जाने का आदेश दे दिया।

बैठक में नगर परिषद के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान विपक्ष के नेता अमर रोचलानी ने शहर में जगह-जगह जमा कचरे और सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि शहर के कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रोचलानी ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और परिषद से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था नगर परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

बताया गया कि विपक्ष के नेता के बोलने के तरीके और आरोपों से नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती कमेड़िया नाराज हो गईं। दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और बैठक का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।

चेयरपर्सन भारती कमेड़िया ने विपक्ष के नेता अमर रोचलानी को बैठक से बाहर जाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के नेता सदन से बाहर नहीं जाते हैं, तो वह स्वयं सदन छोड़ देंगी। इस बयान के बाद बैठक में मौजूद अन्य पार्षदों के बीच भी हलचल बढ़ गई।

स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद पार्षदों और विधायक प्रतिनिधि अनिल दुबे ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिश की। काफी समझाने के बाद विवाद शांत हुआ और बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू हो सकी।

बैठक में मौजूद सदस्यों ने कहा कि नगर परिषद की बैठकों में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होना जरूरी है, लेकिन चर्चा के दौरान मर्यादा और आपसी सम्मान बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सकेगा।

विपक्ष के नेता अमर रोचलानी ने बैठक में उठाए गए कचरे के मुद्दे को शहर की गंभीर समस्या बताया। उनका कहना था कि नागरिक लंबे समय से सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने परिषद से मांग की कि नियमित कचरा उठाव, सफाई कर्मचारियों की निगरानी और गंदगी वाले स्थानों की पहचान कर समाधान किया जाए।

वहीं, नगर परिषद प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, परिषद के अधिकारियों का कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

नगर परिषद की बैठकों में विकास कार्यों, बजट और जन सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होती है। ऐसे में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बहस होना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार मुद्दों पर तीखी बहस राजनीतिक विवाद का रूप ले लेती है।

शुक्रवार की बैठक में हुआ घटनाक्रम भी इसी तरह का रहा, जहां एक स्थानीय समस्या को लेकर शुरू हुई चर्चा आपसी बहस में बदल गई। हालांकि, जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया और बैठक की कार्रवाई आगे बढ़ पाई।

शहर में कचरा प्रबंधन का मुद्दा लंबे समय से नागरिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। लोगों की मांग है कि नगर परिषद सफाई व्यवस्था को लेकर ठोस योजना बनाए और उसका प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित करे।

अब देखना होगा कि इस विवाद के बाद नगर परिषद सफाई व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाती है और विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कितना अमल होता है। फिलहाल शुक्रवार की बैठक में हुआ विवाद स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

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