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पालघर अस्पताल में इलाज के बिल को लेकर हंगामा शिवसेना पदाधिकारियों पर विवाद का आरोप

महाराष्ट्र : पालघर जिले में अस्पताल में इलाज के खर्च को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि सत्ताधारी शिवसेना के कुछ पदाधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब डोंबिवली के KDMC अस्पताल में शिवसेना पार्षद रमेश माथरे द्वारा डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट का मामला पहले से चर्चा में है।
पालघर की घटना में दही-हंडी समारोह के दौरान घायल हुए एक गोविंदा के इलाज के बिल को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मामला बढ़ गया।
गोविंदा के इलाज के बिल पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार देर रात की है। दही-हंडी कार्यक्रम के दौरान एक गोविंदा घायल हो गया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इलाज पूरा होने के बाद जब अस्पताल की ओर से मरीज को छुट्टी देने की प्रक्रिया शुरू की गई तो करीब 19,866 रुपये का बिल दिया गया। इसी बिल को लेकर विवाद शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि मरीज पक्ष ने इलाज के खर्च पर आपत्ति जताई और इसके बाद अस्पताल में हंगामा होने लगा।
शिवसेना पदाधिकारियों के पहुंचने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के बिल की जानकारी मिलने के बाद सत्ताधारी शिवसेना के कुछ पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे।
आरोप है कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से बिल को लेकर सवाल किए और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ बहस की।
हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
अस्पतालों में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
हाल के दिनों में महाराष्ट्र में अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ विवाद और मारपीट के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि किसी भी शिकायत या बिल से जुड़े विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
दही-हंडी कार्यक्रमों में बढ़ी चोटों की घटनाएं
महाराष्ट्र में दही-हंडी उत्सव के दौरान हर साल बड़ी संख्या में गोविंदा घायल होते हैं। ऊंचे मानव पिरामिड बनाने के दौरान कई बार गिरने से चोटें आती हैं।
ऐसे मामलों में अस्पतालों में इलाज की जरूरत पड़ती है। कई बार इलाज के खर्च को लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर नजर
पालघर की घटना के बाद अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया और बिल तैयार करने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि मरीज को कौन-कौन सी चिकित्सा सुविधाएं दी गईं और बिल किस आधार पर तैयार किया गया।
पुलिस जांच की संभावना
मामले में पुलिस स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों की ओर से घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सकती है।
यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक विवाद भी बढ़ सकता है
सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।
विपक्षी दल अस्पतालों में दबाव बनाने और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठा सकते हैं।
फिलहाल पालघर अस्पताल में हुए इस विवाद के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इलाज के बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अस्पताल सुरक्षा और राजनीतिक हस्तक्षेप के मुद्दे से जुड़ गया है।





