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मुंबई में गड्ढों के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, सहार रोड पर जिंदा कॉकरोच छोड़ेंगे कार्यकर्ता

मुंबई: मुंबई की सड़कों पर गड्ढों की लगातार बढ़ती समस्या, खराब रखरखाव और सड़क निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ गुरुवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक समूह इस प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच का इस्तेमाल विरोध के प्रतीक के रूप में करेगा। प्रदर्शनकारी मौजूदा गड्ढों के पास या उनके भीतर कुछ जिंदा कॉकरोच छोड़ेंगे।
यह विरोध प्रदर्शन वॉचडॉग फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य मुंबई की सड़कों की बदहाल स्थिति और गड्ढों की समस्या के प्रति प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। प्रदर्शन गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे सहार रोड मेट्रो-3 स्टेशन के पास, सहार रोड पर आयोजित किया जाएगा।
गड्ढों के बीच कॉकरोच छोड़कर जताएंगे विरोध
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कॉकरोच को विरोध के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल करने का उद्देश्य शहर में फैली गंदगी, लापरवाही और खराब नागरिक सुविधाओं की ओर ध्यान खींचना है। उनका दावा है कि जिस तरह कॉकरोच गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं, उसी तरह मुंबई की सड़कों पर गड्ढे भी लगातार बने हुए हैं।
आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सड़क पर मौजूद गड्ढों को चिन्हित किया जाएगा और उनके आसपास या अंदर जिंदा कॉकरोच छोड़कर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाएंगे। इस अनोखे तरीके के जरिए प्रदर्शनकारी यह संदेश देना चाहते हैं कि सड़क निर्माण और मरम्मत पर लगातार खर्च होने के बावजूद जमीनी स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
हालांकि, जिंदा कॉकरोचों के इस्तेमाल को लेकर पशु कल्याण और सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़े सवाल भी उठ सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक स्थान पर किसी भी तरह की असुविधा या स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो, यह भी एक महत्वपूर्ण पहलू रहेगा।
सीमेंट-कंक्रीट की सड़कों के बावजूद गड्ढों की समस्या
वॉचडॉग फाउंडेशन का कहना है कि मुंबई में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद शहर में गड्ढों की समस्या खत्म नहीं हुई है।
संगठन का सवाल है कि जब सड़क निर्माण और सुधार कार्यों पर बड़ी मात्रा में सरकारी धन खर्च किया जा रहा है, तो इसके बावजूद बारिश के मौसम में सड़कों पर गड्ढे क्यों दिखाई देते हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल मौजूद हैं।
उनका कहना है कि केवल नई सड़कें बनाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। निर्माण की गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था, ठेकेदारों की जवाबदेही और समय-समय पर सड़कों के रखरखाव पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
10 जून से 10,106 गड्ढों की शिकायतें
आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 10 जून से अब तक बीएमसी को गड्ढों से संबंधित 10,106 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 760 शिकायतें इसी महीने दर्ज की गईं, जबकि बुधवार को ही 40 शिकायतें सामने आईं।
इन आंकड़ों का हवाला देते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुंबई में गड्ढों की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। उनका दावा है कि बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि सड़क की सतह पर पानी जमा होने और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण छोटे गड्ढे भी बड़े और खतरनाक हो सकते हैं।
गड्ढों के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह समस्या विशेष रूप से गंभीर हो सकती है। सड़क पर अचानक दिखाई देने वाले गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और यातायात की गति भी प्रभावित होती है।
प्रशासन की जवाबदेही पर उठ रहे सवाल
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि गड्ढों की शिकायत मिलने के बाद केवल अस्थायी मरम्मत करना पर्याप्त नहीं है। उनका जोर इस बात पर है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए और घटिया काम पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
कार्यकर्ताओं के अनुसार, हर साल बारिश के दौरान मुंबई की सड़कों पर गड्ढों की समस्या सामने आती है। शिकायतों के बाद गड्ढों को भरने का काम शुरू होता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही समस्या दिखाई देने लगती है। इससे सार्वजनिक धन के इस्तेमाल और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं।
सहार रोड को बनाया गया प्रदर्शन का केंद्र
गुरुवार का प्रदर्शन सहार रोड पर मेट्रो-3 स्टेशन के पास आयोजित किया जाएगा। यह इलाका यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां होने वाला प्रदर्शन प्रशासन और आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित कर सकता है।
आयोजकों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सड़क निर्माण और रखरखाव की पूरी व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है। वे चाहते हैं कि मुंबई की सड़कों को सुरक्षित बनाया जाए और गड्ढों की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
प्रदर्शन के जरिए नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता यह संदेश देना चाहते हैं कि शहर में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को लेकर लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि मुंबई जैसे महानगर में अच्छी और सुरक्षित सड़कें केवल सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा बुनियादी अधिकार हैं।
अब देखना होगा कि इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और गड्ढों की समस्या को लेकर बीएमसी की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।





