महाराष्ट्र

Uddhav Thackeray ने जताई नाराजगी

Kanchan Paikara
25 Jun 2026 2:19 PM IST
Uddhav Thackeray ने जताई नाराजगी
x

Mumbai मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन एक बार फिर चर्चा में है। मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई अहम बैठक में विपक्षी गठबंधन के भीतर बड़ी गैरहाजिरी देखने को मिली।

सूत्रों के अनुसार, MVA के कुल 60 विधायकों में से 23 विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए। इस अनुपस्थिति ने गठबंधन के अंदर समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैठक में कई प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही।

जानकारी के मुताबिक, NCP (शरद पवार गुट) प्रमुख शरद पवार खुद इस बैठक में शामिल नहीं हुए। उनके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल भी बैठक से दूर रहे। कांग्रेस की ओर से नाना पटोले की अनुपस्थिति भी दर्ज की गई, जिससे बैठक की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई।

यह बैठक मानसून सत्र से पहले विपक्षी रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी, जिसमें सरकार को घेरने की योजना और सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा होनी थी। लेकिन इतने बड़े स्तर पर नेताओं की अनुपस्थिति ने बैठक के महत्व और एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति MVA के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और समन्वय की कमी की ओर इशारा करती है। हालांकि गठबंधन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में उपस्थित कुछ नेताओं ने अनुपस्थित विधायकों को लेकर नाराजगी भी जताई और कहा कि इस तरह की गैरहाजिरी से विपक्ष की एकजुटता कमजोर पड़ती है। वहीं, कुछ नेताओं का मानना है कि सभी दलों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है।

MVA गठबंधन, जिसमें शिवसेना (उद्धव गुट), NCP (शरद पवार गुट) और कांग्रेस शामिल हैं, पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। कई बार रणनीति और नेतृत्व को लेकर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं।

मानसून सत्र से पहले हुई इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा था, लेकिन बड़ी संख्या में विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति ने इसके उद्देश्य पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में गठबंधन इस स्थिति को कैसे संभालता है और क्या विपक्षी एकता को फिर से मजबूत किया जा सकेगा।

Next Story