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नासिक में UBT संकट, 12 नगरसेवकों के शिवसेना में जाने की चर्चा तेज

नासिक ; नासिक नगर निगम में उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट के भीतर संभावित टूट की खबरों के बीच पार्टी ने डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज कर दी है। UBT गुट के 15 नगरसेवकों में से 12 के शिवसेना में शामिल होने की अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। इन चर्चाओं के बीच पार्टी के संपर्क प्रमुख रवींद्र मिरलेकर नासिक पहुंचे और उन्होंने स्थिति का आकलन करने के लिए बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि मिरलेकर नासिक पहुंचकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या पार्टी के किसी नेता या पदाधिकारी की ओर से नगरसेवकों को दूसरे खेमे में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा वह नगरसेवकों की वास्तविक स्थिति और उनकी नाराजगी के कारणों को भी समझने का प्रयास कर रहे हैं।
12 नगरसेवकों को शिवसेना में शामिल कराने को लेकर चल रही चर्चाओं को राजनीतिक गलियारों में "ऑपरेशन टाइगर" नाम दिया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस संभावित घटनाक्रम ने दोनों शिवसेना गुटों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आरोप लगाया जा रहा है कि UBT गुट के एक वरिष्ठ नेता शिवसेना के संपर्क में हैं और नगरसेवकों को पार्टी बदलने के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी चर्चा के बाद UBT नेतृत्व ने सक्रियता बढ़ाई है और अपने पार्षदों से सीधा संवाद शुरू किया है।
इस बीच UBT समूह के नेता केशव पोरजे ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी के नगरसेवकों की एकजुटता दिखाने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया था कि पार्टी के सभी नगरसेवक संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं और किसी तरह की टूट की संभावना नहीं है।
पोरजे के बयान के तुरंत बाद रवींद्र मिरलेकर का नासिक दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने सबसे पहले पार्टी के नगरसेवकों के साथ बैठक की और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। बैठक में नगरसेवकों की राय और उनकी चिंताओं को समझने का प्रयास किया गया।
मिरलेकर ने इसके बाद कालाराम मंदिर के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन अयोध्या से संबंधित धन के कथित दुरुपयोग के मुद्दे को लेकर किया गया था। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
नासिक नगर निगम की राजनीति पिछले कुछ समय से काफी सक्रिय रही है। महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे गुट और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच लगातार राजनीतिक खींचतान जारी है। स्थानीय निकायों में भी दोनों गुट अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में नगरसेवक UBT छोड़कर शिवसेना में शामिल होते हैं तो इसका असर नासिक की स्थानीय राजनीति पर पड़ सकता है। इससे न केवल संगठनात्मक समीकरण बदल सकते हैं, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीतियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
वहीं, UBT नेतृत्व फिलहाल अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटा है। पार्टी की ओर से लगातार संवाद बढ़ाया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित दलबदल को रोका जा सके।
फिलहाल नासिक में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नगरसेवकों को लेकर चल रही अटकलें केवल अफवाह साबित होती हैं या फिर आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलता है।





