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मृणालताई गोरे फ्लाईओवर पर फिसल रहे दोपहिया वाहन सड़क की सतह को लेकर उठे सवाल

मुंबई : मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के नए खुले हिस्से पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर वाहन चालकों ने चिंता जताई है। रिलीफ रोड की ओर हाल ही में शुरू किए गए इस हिस्से पर खासतौर पर बारिश के मौसम में दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वाहन चालकों का आरोप है कि फ्लाईओवर की सड़क की सतह पर पकड़ कमजोर होने के कारण बाइक और स्कूटर फिसल रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में कई बाइकर्स को एक ही स्थान पर संतुलन खोते हुए देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
फ्लाईओवर से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में एक मोड़ के पास डामर वाली सड़क पर दोपहिया वाहन फिसलते हुए नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस हिस्से से गुजरते समय कम से कम दो-तीन राइडर्स अपना संतुलन खोकर गिर गए। हालांकि, किसी बड़े हादसे की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लगातार हो रही फिसलन ने वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है।
Mrinal tai flyover in Mumbai also comes with the revolutionary “Smooth Ride” technology that apparently improve your vehicle’s mileage…
— Mohammed Futurewala (@MFuturewala) August 30, 2026
Only small issue: the technology is so advanced that bikers haven’t learnt how to use it yet… so they keep falling. 😭😂 https://t.co/vQIHgFQyvw pic.twitter.com/LpBMFBVgQ5
लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर पानी की हल्की परत बनने से समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह हिस्सा जोखिम भरा साबित हो सकता है।
मॉनसून में बढ़ी परेशानी
मुंबई में मानसून के दौरान सड़कों पर फिसलन आम समस्या बन जाती है। ऐसे में नई बनी सड़कों की गुणवत्ता और उनकी सतह की पकड़ बेहद महत्वपूर्ण होती है।
वाहन चालकों का कहना है कि फ्लाईओवर जैसे ऊंचे मार्गों पर थोड़ी सी फिसलन भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। खासकर मोड़ वाले हिस्सों पर दोपहिया वाहनों के लिए खतरा ज्यादा रहता है।
कुछ राइडर्स ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की जांच कराई जाए और अगर कोई तकनीकी समस्या है तो उसे जल्द ठीक किया जाए।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
फ्लाईओवर के नए हिस्से पर वाहन फिसलने की घटनाओं के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि नई सड़क को खोलने से पहले उसकी सतह, पकड़ और बारिश के दौरान प्रदर्शन की जांच की जानी चाहिए थी। यदि सड़क पर इस्तेमाल किए गए डामर या सामग्री में कोई कमी है तो उसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क की सतह का घर्षण स्तर (टायर और सड़क के बीच पकड़) सुरक्षित यातायात के लिए बहुत जरूरी होता है। खासकर फ्लाईओवर और तेज गति वाले मार्गों पर यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने संबंधित विभाग से इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की समस्या को नजरअंदाज करने से भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों ने सुझाव दिया है कि प्रभावित हिस्से का निरीक्षण कर फिसलन वाली जगहों पर जरूरी सुधार किए जाएं। साथ ही, बारिश के दौरान वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाए।
वाहन चालकों को सावधानी बरतने की अपील
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक दोपहिया वाहन चालकों को इस हिस्से पर धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए।
बारिश के दौरान अचानक ब्रेक लगाने, तेज मोड़ लेने और तेज रफ्तार से चलने से बचना जरूरी है। फ्लाईओवर पर अतिरिक्त सावधानी बरतने से दुर्घटनाओं के खतरे को कम किया जा सकता है।
जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल इस मामले में सड़क की वास्तविक स्थिति और फिसलन के कारणों की जांच जरूरी है। यदि निर्माण से जुड़ी कोई कमी सामने आती है तो उसे जल्द ठीक करना होगा।
मृणालताई गोरे फ्लाईओवर का नया हिस्सा लोगों की सुविधा के लिए शुरू किया गया था, लेकिन अगर सड़क की सतह से जुड़ी शिकायतें सही साबित होती हैं तो यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
वाहन चालकों को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियां जल्द इस समस्या का समाधान करेंगी, ताकि फ्लाईओवर पर सफर सुरक्षित हो सके।





