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मुंबई के घाटकोपर में भूस्खलन से दो लोगों की मौत, छह के मलबे में दबे होने की आशंका

मुंबई: मुंबई में बुधवार तड़के भारी बारिश के बीच घाटकोपर इलाके में भूस्खलन की घटना ने हड़कंप मचा दिया। चिराग नगर क्षेत्र में राठौड़ मेडिकल के पास पहाड़ी का हिस्सा खिसकने के बाद भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित गौसिया चाल पर जा गिरा। हादसे में कम से कम दो लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि करीब छह लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) को बुधवार, 12 अगस्त की सुबह करीब 3:48 बजे भूस्खलन की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल और राहत दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके की स्थिति गंभीर देखते हुए विशेष बचाव उपकरणों की मदद से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
गौसिया चाल पर गिरा मलबा
#WATCH | Maharashtra: Landslide occurred at Gaushiya Chawl, Chirag Nagar, near Rathod Medical in Kurla, at around 3:48 am. Three to four people are suspected to be trapped. Rescue operation underway. pic.twitter.com/uLeHolcD70
— ANI (@ANI) August 12, 2026
बताया जा रहा है कि भूस्खलन चिराग नगर इलाके में राठौड़ मेडिकल के पास हुआ। पहाड़ी से खिसका मलबा नीचे स्थित गौसिया चाल में जा गिरा। अचानक भारी मात्रा में मलबा गिरने से वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। कई घर और आसपास का क्षेत्र मलबे से प्रभावित हुआ।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सुबह-सुबह हुई इस घटना के कारण आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने तत्काल राहत और बचाव दल को सूचना दी। कुछ स्थानीय लोग भी शुरुआती स्तर पर मलबे में फंसे लोगों को तलाशने और उन्हें बाहर निकालने के प्रयास में जुट गए।
Maharashtra: BMC Mayor Ritu Tawde and Additional Municipal Commissioner (Eastern Suburbs) Avinash Dhakne visited the site of the landslide in Ghatkopar
— IANS (@ians_india) August 12, 2026
(Photo Source: BMC) pic.twitter.com/hlEuRlpHcj
छह लोगों के दबे होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में कम से कम दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग छह लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, बचाव अभियान जारी होने के कारण मलबे में दबे लोगों की वास्तविक संख्या की पुष्टि अभियान पूरा होने के बाद ही हो सकेगी।
बचाव दल बेहद सावधानी के साथ मलबा हटाने में जुटा है। भारी मलबे के बीच लोगों की तलाश के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बचावकर्मी इस बात का भी ध्यान रख रहे हैं कि मलबा हटाने के दौरान किसी संभावित जीवित व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
BMC और NDRF की टीमें मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए BMC के करीब 50 कर्मचारी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवान राहत एवं बचाव अभियान में शामिल हैं। दमकल विभाग के कर्मचारियों के साथ अन्य आपदा राहत कर्मी भी मौके पर मौजूद हैं।
रेस्क्यू टीमों ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए मलबे की परतों को हटाना शुरू किया है। विशेष बचाव उपकरणों के जरिए मलबे के भीतर फंसे लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बचाव दल लगातार स्थिति का आकलन कर रहा है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में दहशत
भूस्खलन की घटना के बाद गौसिया चाल और आसपास के इलाकों में मातम और दहशत का माहौल है। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में एंबुलेंस के जरिए लोगों को अस्पताल की ओर ले जाते हुए देखा गया। हादसे की गंभीरता को देखकर कई स्थानीय लोग भावुक होकर रोते हुए नजर आए।
स्थानीय लोगों के लिए सुबह का समय बेहद भयावह रहा। अचानक मलबा गिरने की आवाज से लोग घबरा गए। कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों की तलाश शुरू कर दी। बचाव अभियान के दौरान भी घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा रहे।
लगातार बारिश से बढ़ा खतरा
मुंबई में मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। घाटकोपर का यह हादसा भी बारिश के बीच हुआ है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों की मिट्टी और चट्टानों के कमजोर होने से भूस्खलन की आशंका बढ़ जाती है।
ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाई जाती है। घाटकोपर में हुई घटना के बाद भी आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाए जाने की संभावना है। प्रशासन यह भी आकलन कर सकता है कि कहीं आसपास के अन्य हिस्सों में भी मलबा खिसकने का खतरा तो नहीं है।
राहत और बचाव अभियान जारी
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। NDRF और BMC की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम सावधानीपूर्वक किया जा रहा है।
बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल पर एंबुलेंस और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध रखी गई है, ताकि किसी व्यक्ति को मलबे से बाहर निकालने के बाद तत्काल उपचार दिया जा सके। प्रशासन की ओर से घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना ने एक बार फिर मुंबई के संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां आबादी पहाड़ी ढलानों या उनके आसपास बसी हुई है, वहां भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा गंभीर रूप ले सकता है।
फिलहाल घाटकोपर के चिराग नगर में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। दो लोगों की मौत की सूचना के बीच करीब छह लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। अब बचाव दल की कोशिश है कि मलबे के नीचे फंसे लोगों को जल्द से जल्द तलाश कर सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हादसे में प्रभावित परिवारों के लिए यह समय बेहद मुश्किल है और पूरे इलाके की निगाहें जारी रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।





