महाराष्ट्र

ड्रग्स के साथ पकड़े यात्री को छोड़ने का आरोप, मुंबई GRP के दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड

Kavita2
16 Sept 2026 5:02 PM IST
ड्रग्स के साथ पकड़े यात्री को छोड़ने का आरोप, मुंबई GRP के दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड
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मुंबई: मुंबई में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) के दो कॉन्स्टेबलों पर गंभीर आरोप लगने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने ड्रग्स के साथ पकड़े गए एक यात्री को कार्रवाई से बचाने के बदले उससे 2.40 लाख रुपये लिए और उसे छोड़ दिया।

निलंबित किए गए दोनों कॉन्स्टेबलों की पहचान लॉरेंस नवघरे और राकेश सोनावणे के रूप में हुई है। दोनों बोरीवली गवर्नमेंट रेलवे पुलिस स्टेशन में तैनात थे।

8 सितंबर की रात का मामला

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना 8 सितंबर की रात की बताई जा रही है। आरोप है कि दोनों कॉन्स्टेबलों ने एक यात्री को पकड़ा था, जिसके सामान में कथित तौर पर ड्रग्स मौजूद थे।

नियमों के अनुसार, ऐसे मामले में आरोपी को थाने ले जाकर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी यात्री को बोरीवली GRP स्टेशन ले जाने के बजाय प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बने एक लाइब्रेरी रूम में ले गए।

लाइब्रेरी रूम में ले जाने का आरोप

अधिकारियों के मुताबिक, जिस लाइब्रेरी रूम में यात्री को ले जाया गया, वहां लगा सीसीटीवी कैमरा उस समय काम नहीं कर रहा था।

जांच में यह बात सामने आई कि यह कैमरा सरकारी व्यवस्था का हिस्सा नहीं था, बल्कि GRP कर्मियों की ओर से निजी तौर पर लगाया गया था।

आरोप है कि इसी कमरे में दोनों पुलिसकर्मियों ने यात्री से कथित तौर पर 2.40 लाख रुपये लिए और इसके बाद उसे जाने दिया।

विभागीय जांच के बाद कार्रवाई

मामला सामने आने के बाद GRP अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर सवाल उठे।

इसके बाद दोनों कॉन्स्टेबलों को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आरोपी यात्री और ड्रग्स मामले की जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस यात्री को पकड़ा गया था, उसके पास किस प्रकार का मादक पदार्थ था और वह कहां से आया था।

इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल

जांच एजेंसियां अब उपलब्ध साक्ष्यों को जुटा रही हैं। लाइब्रेरी रूम, रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे कैमरों की जानकारी भी खंगाली जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की छवि पर उठे सवाल

इस घटना के बाद रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस में इस तरह के आरोप विभाग के लिए चिंता का विषय माने जा रहे हैं।

GRP अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी अपने पद का गलत इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निलंबन के बाद आगे की प्रक्रिया

फिलहाल दोनों कॉन्स्टेबल निलंबित हैं और मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच में यदि आरोप साबित होते हैं तो उनके खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

रेलवे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। इस तरह के मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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