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भिवंडी में अलग-अलग सड़क हादसों में दो की मौत, ट्रक ड्राइवर फरार

BHIWANDI भिवंडी: कलीयान और भिवंडी में तीन दिनों के भीतर अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। दोनों ही घटनाएं तेज़ गति और लापरवाही के कारण हुई हैं, जिससे स्थानीय लोग और प्रशासन चिंतित हैं। पहली घटना कलीयान वेस्ट के निक्की नगर में शनिवार सुबह हुई। 28 वर्षीय महिला रिंकु प्रदीप आरच अपने बेटे को स्कूल छोड़कर घर लौट रही थी, तभी पीछे से आए recklessly चल रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी और ड्राइवर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए महिला को अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खड़कपड़ा पुलिस स्टेशन में अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि ट्रक और ड्राइवर का पता लगाया जा सके।
दूसरी घटना भिवंडी में हुई, जहां एक अन्य वाहन दुर्घटना में एक पुरुष की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, वह सड़क पर अनियंत्रित वाहन की चपेट में आ गया था। पुलिस ने दोनों मामलों में सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और लापरवाही के चलते कार्यवाही शुरू कर दी है। स्थानीय लोग सड़क की स्थिति और ट्रैफिक नियमों के पालन न करने के कारण हादसों को गंभीर समस्या बता रहे हैं। कई ने कहा कि कई स्थानों पर गड्ढे और असमान सड़कें दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रही हैं। इसके अलावा, कुछ वाहन चालक रात के समय बिना उचित सुरक्षा उपायों के तेज गति से गाड़ी चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग करें और दुर्घटनाओं के तुरंत बाद मदद पहुंचाने के लिए सतर्क रहें। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन ने सड़क सुधार और ट्रैफिक निगरानी बढ़ाने का वादा किया है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
इस बीच, ट्रक और अन्य बड़े वाहनों के लिए नियमित चेकिंग और वाहनों की ब्रेकिंग, टायर और लाइटिंग की स्थिति की जांच को अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाना जरूरी है। स्कूलों, कॉलेजों और समुदाय केंद्रों में सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के आयोजन से लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की गंभीरता को उजागर किया है और प्रशासन, पुलिस तथा आम जनता को मिलकर कदम उठाने की आवश्यकता दिखा दी है।





