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आलंदी में दान मांगने को लेकर ट्रांसजेंडर लोगों के दो गुट भिड़े

पुणे। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल आलंदी में रविवार दोपहर दान मांगने को लेकर ट्रांसजेंडर लोगों के दो गुटों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस के अनुसार इंद्रायणी नदी के घाट पर भक्तों से दान मांगने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना के दौरान घाट पर मौजूद भक्तों और स्थानीय लोगों के सामने दोनों गुटों के बीच जमकर विवाद हुआ।
पुलिस के मुताबिक झड़प के दौरान एक व्यक्ति पर लोहे के 'नकल डस्टर' से हमला किए जाने का आरोप है। हमले में व्यक्ति के सिर पर चोट लगने की बात सामने आई है। विवाद के दौरान जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। घटना के बाद घाट क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दान मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद
SHOCKING! Alandi Ghat turns violent: 2 transgender groups clash over "collection" near Indrayani river in Pune, 1 hit with knuckle-duster, death threats hurled - all in broad daylight in front of devotees. Mangalsutras & phones missing in the chaos. 7 booked, no arrests yet. pic.twitter.com/94ineWCRRD
— Varad Bhatkhande | Journalist (@VaradBhatkhande) September 10, 2026
पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर इंद्रायणी नदी के घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान वहां भक्तों से दान मांगने को लेकर ट्रांसजेंडर लोगों के दो गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच दान मांगने के स्थान और श्रद्धालुओं से दान लेने को लेकर कहासुनी हुई।
शुरुआत में विवाद मौखिक था, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के सामने हुई इस झड़प से वहां मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया।
लोहे के नकल डस्टर से हमला करने का आरोप
पुलिस के अनुसार इस मामले में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उसके सिर पर लोहे के 'नकल डस्टर' से हमला किया गया। नकल डस्टर एक ऐसा धातु उपकरण है, जिसे हाथ में पहनकर वार करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। सिर पर इस तरह के उपकरण से हमला किए जाने से चोट गंभीर हो सकती है।
घटना के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट के साथ कथित रूप से धमकी देने का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि झगड़े के दौरान एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने घटना से जुड़े आरोपों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच शुरू की है।
तीर्थस्थल पर हुई घटना से सुरक्षा पर सवाल
आलंदी महाराष्ट्र का प्रमुख धार्मिक और तीर्थस्थल है। यहां संत ज्ञानेश्वर महाराज की समाधि के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इंद्रायणी नदी का घाट भी धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही का प्रमुख स्थान है। ऐसे व्यस्त धार्मिक स्थल पर दिनदहाड़े दो गुटों के बीच हिंसक झड़प होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक घाट और आसपास के क्षेत्र में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी विवाद का हिंसक रूप लेना न केवल संबंधित पक्षों के लिए बल्कि वहां मौजूद अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। घटना के दौरान आसपास मौजूद भक्तों और स्थानीय लोगों में भी भय का माहौल देखा गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अब विवाद की वास्तविक वजह, झड़प में शामिल लोगों और मारपीट के दौरान इस्तेमाल किए गए कथित हथियार के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ले सकती है। घाट पर मौजूद लोगों के बयान से विवाद की शुरुआत और उसके बाद हुई मारपीट की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि झड़प के दौरान वास्तव में किस तरह का हथियार इस्तेमाल किया गया और किस व्यक्ति ने हमला किया।
धार्मिक स्थल पर विवाद रोकने की चुनौती
आलंदी जैसे धार्मिक स्थल पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे स्थानों पर दान मांगने और अन्य गतिविधियों को लेकर समय-समय पर विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रशासन और पुलिस के सामने चुनौती यह रहती है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ घाट और धार्मिक स्थलों पर कानून-व्यवस्था भी बनी रहे।
रविवार की घटना ने इस चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट क्षेत्र में विवाद की स्थिति बनने पर तत्काल हस्तक्षेप की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, ताकि मामूली कहासुनी हिंसक घटना में न बदल सके।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दान मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद किस तरह हिंसक झड़प में बदला और कथित नकल डस्टर से हमला किसने किया, इसकी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने मामले से जुड़े आरोपों और तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। घटना के बाद धार्मिक स्थल पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।





