महाराष्ट्र

पिंपरी-चिंचवड़ में प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Kavita2
5 Aug 2026 2:17 PM IST
पिंपरी-चिंचवड़ में प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
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पुणे। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर उनसे जबरन ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों आरोपी मजदूरों के मोबाइल फोन छीनकर उन्हें अनलॉक कराते थे और फिर क्यूआर (QR) कोड के जरिए अपने खातों में रकम ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पिंपरी गांव निवासी केशव दशरथ शेटे (46) और पुणे के ताड़ीवाला रोड निवासी राजेश अनिल कुमार (45) के रूप में हुई है। दोनों को पिंपरी-चिंचवड़ क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने गिरफ्तार किया।

पुलिस उपायुक्त (क्राइम) रोहिदास पवार के अनुसार, इस गिरोह का खुलासा 26 जुलाई को हुई एक वारदात की जांच के दौरान हुआ। उस दिन महलुंगे-तलवाड़े रोड पर स्थित महिंद्रा कंपनी के पास काम से लौट रहे एक प्रवासी मजदूर को दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोगों ने रोक लिया।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने मजदूर को डराकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद उससे फोन अनलॉक कराया और मोबाइल में मौजूद डिजिटल भुगतान एप का इस्तेमाल करते हुए क्यूआर कोड के माध्यम से 25 हजार रुपये दूसरे मोबाइल फोन में ट्रांसफर कर लिए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़ित की शिकायत पर साउथ महलुंगे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने समानांतर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।

पुलिस का मानना है कि आरोपी खासतौर पर ऐसे प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाते थे जो औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं और जिनके पास वेतन या अन्य भुगतान की राशि डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहती थी। आरोपी सुनसान स्थानों पर मजदूरों को रोकते और धमकाकर उनके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कर लेते थे।

जांच एजेंसियां अब आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन का भी विश्लेषण कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपराध से अर्जित धनराशि कहां भेजी गई और किन खातों का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर और डिजिटल भुगतान से जुड़े अपराधों के नए तरीके सामने आ रहे हैं। इसलिए लोगों को अपने मोबाइल फोन, यूपीआई पिन और बैंकिंग संबंधी जानकारी की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में मोबाइल फोन या बैंकिंग ऐप का उपयोग नहीं करना चाहिए।

महलुंगे एमआईडीसी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर काम करते हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे इलाकों में गश्त बढ़ाई जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

क्राइम ब्रांच यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह की कार्यप्रणाली और अन्य वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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