तमिलनाडू

Tiruvallur : अमोनिया गैस रिसाव हादसा, मरने वालों की संख्या बढ़कर 5, 3 गिरफ्तार

Kavita2
22 Jun 2026 9:44 AM IST
Tiruvallur : अमोनिया गैस रिसाव हादसा, मरने वालों की संख्या बढ़कर 5, 3 गिरफ्तार
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर ज़िले में एक प्राइवेट मछली एक्सपोर्ट फैक्टरी में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस ने मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।

यह हादसा रविवार को तिरुवल्लूर ज़िले के उथुक्कोट्टई तालुक के पेरियापालयम के पास कन्निकाइपो गांव में स्थित एक प्राइवेट फिश मील एक्सपोर्ट फैक्टरी के प्रोडक्शन यूनिट में हुआ। अचानक अमोनिया गैस लीक होने से फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई और वहां काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

घटना के दौरान कुल 64 कर्मचारी प्रभावित हुए, जिनमें 60 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल थे। गैस रिसाव के कारण कई कर्मचारियों की हालत गंभीर हो गई और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसी दिन दो महिलाओं की मौत हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में चिंता फैल गई थी।

इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई जब चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में ICU में भर्ती एक महिला ने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। वहीं स्टेनली अस्पताल में इलाज करा रही एक अन्य महिला की भी मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 5 हो गई है।

अमोनिया गैस एक्सपोजर के इस हादसे के बाद तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि मृतकों में से तीन का इलाज निजी अस्पतालों में और दो का इलाज सरकारी अस्पतालों में चल रहा था। कई अन्य घायलों का इलाज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फैक्टरी परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा जांच शुरू की गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर फैक्टरी प्रबंधन से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

तिलक नगर पुलिस स्टेशन के समान ही स्थानीय पुलिस टीमों की निगरानी में पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गैस रिसीवर किस कारण हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों ने बताया कि प्रभावित कर्मचारियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन गैस की तीव्रता के कारण कई लोगों की स्थिति गंभीर हो गई। प्रशासन ने फैक्टरी में सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच में शामिल किया गया है।

स्थानीय लोगों में इस हादसे को लेकर गहरी चिंता है और फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा नियम लागू किए जाएं और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है और घायलों के इलाज पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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