- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- महाराष्ट्र में सड़क...

भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। जिले के लखनी शहर में नेशनल हाईवे-53 पर सड़क हादसे में करीब तीन साल की एक बाघिन की मौत हो गई। वन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक घटना मंगलवार शाम की है। प्रारंभिक जानकारी में बाघिन को किसी अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारे जाने की बात सामने आई है। हालांकि बाघिन की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि घटना भंडारा जिले के लखनी शहर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-53 पर हुई। बाघिन सड़क के आसपास पहुंची थी और इसी दौरान हाईवे से गुजर रहे एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में बाघिन को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। बाघिन की उम्र करीब तीन साल बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बाघिन के शव को विभाग ने अपने कब्जे में लिया। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बाघिन की मौत वाहन की टक्कर से लगी चोटों के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
अज्ञात वाहन की टक्कर की आशंका
वन विभाग से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बाघिन को नेशनल हाईवे-53 पर किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। फिलहाल वाहन और उसके चालक के संबंध में जानकारी सामने नहीं आई है। हादसा किस परिस्थिति में हुआ और बाघिन हाईवे पर कैसे पहुंची, इससे जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। वन्यजीवों के सड़क पार करने के दौरान तेज रफ्तार वाहन उनके लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में जहां जंगल या वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाके सड़कों के आसपास मौजूद हैं, वहां वाहन चालकों की सावधानी महत्वपूर्ण हो जाती है। रात और शाम के समय दृश्यता कम होने के कारण वन्यजीवों के अचानक सड़क पर आने से हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
वन विभाग के अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बाघिन की मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी। इसलिए फिलहाल वाहन की टक्कर को प्रारंभिक कारण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम में बाघिन को लगी चोटों और अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। इसके बाद विभाग आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगा। बाघ जैसे संरक्षित वन्यजीव की मौत होने पर वन विभाग निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और पोस्टमार्टम कराता है। ऐसे मामलों में घटनास्थल की परिस्थितियों और शव पर मौजूद चोटों का भी अध्ययन किया जाता है। इस मामले में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
नेशनल हाईवे-53 पर हुआ हादसा
घटना जिस नेशनल हाईवे-53 पर हुई है, वहां लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम बाघिन सड़क पर पहुंची और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर इतनी गंभीर बताई जा रही है कि बाघिन की जान नहीं बच सकी। इस घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्रों के आसपास से गुजरने वाली सड़कों पर वन्यजीवों की सुरक्षा के सवाल को सामने ला दिया है। सड़क और वन्यजीव क्षेत्र के बीच संपर्क वाले स्थानों पर जानवर कई बार भोजन, पानी या अपने प्राकृतिक क्षेत्र में आवाजाही के दौरान सड़क पार करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है।
तीन साल की थी बाघिन
मृत बाघिन की उम्र करीब तीन साल बताई गई है। कम उम्र की बाघिन की सड़क हादसे में मौत वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से गंभीर घटना है। फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता मौत के वास्तविक कारण का पता लगाना और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाना है।
वन विभाग ने अभी तक किसी वाहन या चालक की पहचान की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस स्तर पर घटना के संबंध में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। पोस्टमार्टम और विभागीय जांच से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। भंडारा जिले के लखनी में हुई इस घटना के बाद वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता भी सामने आई है। खासकर शाम और रात के समय वाहन चालकों के लिए नियंत्रित गति और सड़क पर नजर रखना वन्यजीवों तथा वाहन सवारों दोनों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।





