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मुंबई : कांदिवली इलाके में पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ‘महानगर गैस’ ऐप के नाम से एक खतरनाक APK फाइल तैयार कर लोगों को निशाना बनाते थे। इस फर्जी ऐप के जरिए वे लोगों के मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे।
कांदिवली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से करीब 6.24 लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
फर्जी ऐप के जरिए करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ‘महानगर गैस’ के नाम का इस्तेमाल कर एक फर्जी APK फाइल बनाई थी। आरोपी लोगों को इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते थे।
ऐप डाउनलोड करने के बाद पीड़ितों के मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस आरोपियों के पास चला जाता था। इसके बाद आरोपी फोन में मौजूद बैंकिंग जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा का इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकाल लेते थे।
साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किया गया यह तरीका बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इसमें पीड़ित को शुरुआत में ठगी का पता भी नहीं चलता।
तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
कांदिवली पुलिस ने मामले की जांच के बाद तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों ने फर्जी ऐप कैसे तैयार किया और इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया।
6.24 लाख रुपये बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 6.24 लाख रुपये की रकम बरामद की है। यह पैसा कथित तौर पर साइबर ठगी के जरिए हासिल किया गया था।
इसके अलावा पुलिस डिजिटल सबूत भी जुटा रही है। मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
साइबर ठगी के बढ़ते मामले
देशभर में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
फर्जी मोबाइल ऐप, लिंक, OTP फ्रॉड और रिमोट एक्सेस जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर अपराधी लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं।
पुलिस लगातार लोगों को ऐसे फर्जी ऐप और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की अपील करती रही है।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
कांदिवली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड न करें और किसी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल का रिमोट एक्सेस साझा न करें।
पुलिस ने कहा कि सरकारी या निजी कंपनियों से जुड़े किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप स्टोर से पुष्टि करनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल में आने वाले अनजान APK फाइल साइबर अपराधियों का बड़ा हथियार बन चुके हैं। ऐसे ऐप फोन की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।
बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखने की सलाह
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने बैंक खाते, ATM, UPI और अन्य डिजिटल सेवाओं से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
इसके अलावा मोबाइल में मजबूत सुरक्षा सेटिंग रखने और संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल कांदिवली पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के मामलों की जानकारी मिल सकती है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फर्जी ‘महानगर गैस’ ऐप के जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।





