महाराष्ट्र

सरकारी अस्पतालों में सफाई, भोजन और दवाओं की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा: एकनाथ शिंदे

Kavita2
19 Aug 2026 9:54 AM IST
सरकारी अस्पतालों में सफाई, भोजन और दवाओं की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा: एकनाथ शिंदे
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मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य विभाग को सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई, मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और दवाओं के मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इन तीनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

एकनाथ शिंदे ने यह निर्देश मंत्रालय में आयोजित सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने विभाग की योजनाओं और वर्तमान स्थिति को लेकर प्रेजेंटेशन भी दिया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पताल आम जनता के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का सबसे बड़ा आधार हैं। खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अस्पताल परिसर, वार्ड, शौचालय और अन्य स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना भी बेहद जरूरी है।

एकनाथ शिंदे ने मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को नियमित जांच और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा उपमुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को मिलने वाली दवाओं के मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा हुई। एकनाथ शिंदे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े लंबित कामों को तेजी से पूरा किया जाए। उनका कहना था कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर समय पर तैयार होना चाहिए।

उन्होंने खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े, इसके लिए गांवों और छोटे क्षेत्रों में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को मजबूत करने के लिए उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से निजी क्षेत्र, प्रतिष्ठित गैर सरकारी संगठनों और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उनका कहना था कि सरकारी प्रयासों के साथ निजी संस्थाओं की भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है।

शिंदे ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। इन केंद्रों में बेहतर सुविधाएं, आवश्यक उपकरण और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने से बड़ी संख्या में लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज मिल सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं, अस्पतालों की स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जनता की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए।

महाराष्ट्र सरकार लगातार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कदम उठाने का दावा कर रही है। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को बेहतर बनाने, नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।

एकनाथ शिंदे के निर्देशों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर अस्पतालों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर इलाज, स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।

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