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महाराष्ट्र : नासिक जिले की शिक्षिका कुंडा जयवंत बचाव को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर से चयनित शिक्षकों को यह सम्मान प्रदान किया।
आनंदवली स्थित नासिक म्युनिसिपल स्कूल नंबर 18 में कार्यरत कुंडा जयवंत बचाव ने पिछले दो दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
विज्ञान भवन में हुआ सम्मान समारोह
5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह में देशभर के चुनिंदा शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस वर्ष पूरे भारत से 48 स्कूल शिक्षकों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया था। महाराष्ट्र से चुने गए चार शिक्षकों में नासिक की कुंडा जयवंत बचाव भी शामिल रहीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
शिक्षा में समान अवसर के लिए किया काम
कुंडा जयवंत बचाव ने अपने शिक्षण कार्य के दौरान बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और सभी छात्रों को समान अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने खासतौर पर उन छात्राओं के लिए काम किया, जो आर्थिक परेशानियों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो सकती थीं।
उनका मानना था कि आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए।
छात्राओं के लिए शुरू की स्पॉन्सरशिप पहल
बचाव ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए एक एजुकेशनल स्पॉन्सरशिप पहल शुरू की।
इस पहल के माध्यम से अब तक 150 से अधिक छात्राओं को आर्थिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत सहायता उपलब्ध कराई गई है।
इस प्रयास से कई ऐसी लड़कियों को भी दोबारा शिक्षा से जोड़ा गया, जो पारिवारिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में पहुंच गई थीं।
बाल विवाह रोकने में भी निभाई भूमिका
कुंडा जयवंत बचाव के प्रयास केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने उन छात्राओं को भी प्रोत्साहित किया, जो बाल विवाह जैसी सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रही थीं।
उनकी पहल और मार्गदर्शन से कई लड़कियां दोबारा स्कूल लौट सकीं और अपनी शिक्षा पूरी करने का अवसर हासिल कर सकीं।
दो दशक से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय
कुंडा जयवंत बचाव पिछले 20 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं।
उन्होंने छात्रों की जरूरतों को समझते हुए पारंपरिक शिक्षण के साथ नए तरीकों को अपनाया। उनके नवाचारों और बच्चों के प्रति समर्पण ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
स्कूल और क्षेत्र के लिए गर्व का पल
कुंडा जयवंत बचाव को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने पर नासिक म्युनिसिपल स्कूल नंबर 18 और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
शिक्षकों और छात्रों ने उनकी उपलब्धि को गौरव का क्षण बताया। लोगों का कहना है कि उनका काम अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा है।
शिक्षा के माध्यम से बदलाव का प्रयास
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने के बाद कुंडा जयवंत बचाव ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी केवल पढ़ाना नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर दिशा देना भी है।
उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम बताया और कहा कि हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
कुंडा जयवंत बचाव की उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि समर्पण, नवाचार और समाज के प्रति जिम्मेदारी से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।





