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CJP ने शिक्षा मंत्रालय पर आरोप लगाकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का किया ऐलान

Maharashtra महाराष्ट्र: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश में शिक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। इस प्रदर्शन का आरंभ गुरुवार को पुणे के सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (SPPU) कैंपस से होगा। CJP का कहना है कि यह विरोध शांतिपूर्ण और संविधान के दायरे में रहेगा।
पुणे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा, "हम आज SPPU से अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर रहे हैं। यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। आज ही हम शिक्षा से जुड़े अपने घोषणापत्र को भी जारी करेंगे।"
इस शिक्षा घोषणापत्र में छात्रों की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी कई प्रमुख समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। CJP का कहना है कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होना, परीक्षाओं के परिणाम समय पर न घोषित होना, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी, परीक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय न होना और परीक्षा आयोजन में देरी जैसी घटनाओं से छात्रों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अभिजीत दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि CJP का यह आंदोलन देशभर के छात्रों की आवाज़ बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य यह है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार हो और छात्रों के अधिकार सुरक्षित रहें। हमें यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों को रोका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए।"
CJP का यह विरोध प्रदर्शन केवल पुणे तक ही सीमित नहीं रहेगा। अभिजीत दिपके ने बताया कि SPPU कैंपस से शुरू होकर यह आंदोलन धीरे-धीरे देश के अन्य विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों तक फैलाया जाएगा। उनका कहना है कि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों के समर्थन से यह आंदोलन शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
पार्टी का यह भी मानना है कि शिक्षा मंत्रालय में सुधार के बिना छात्रों को उचित और निष्पक्ष अवसर प्रदान करना संभव नहीं है। इसलिए CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की भी मांग की है। अभिजीत दिपके ने कहा, "जब तक शिक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होता और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आती, हम अपने विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।"
इस अभियान के तहत CJP ने स्पष्ट किया कि सभी विरोध कार्यक्रम शांतिपूर्ण होंगे और किसी भी प्रकार की हिंसा की अनुमति नहीं होगी। उनका कहना है कि छात्रों और युवाओं के हित में यह आंदोलन उनके अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





