महाराष्ट्र

Thane : अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट का आरोप, शिवसेना पार्षद और समर्थकों पर केस

Kavita2
8 July 2026 1:11 PM IST
Thane : अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट का आरोप, शिवसेना पार्षद और समर्थकों पर केस
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ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि शिवसेना के एक पार्षद और उनके कुछ समर्थकों पर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ कथित रूप से हाथापाई करने का आरोप है। घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई। आरोप है कि नवजात शिशु को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दिए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ।

नवजात को दूसरी जगह ले जाने की सलाह पर हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, एक परिवार अपने नवजात बच्चे के इलाज के लिए शास्त्री नगर अस्पताल पहुंचा था। डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी।




इसी बात को लेकर परिवार और अस्पताल प्रशासन के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद शिवसेना के एक पार्षद अपने कुछ साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से बहस करने लगे।

पुलिस का कहना है कि बहस धीरे-धीरे विवाद में बदल गई और डॉक्टरों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना के बाद अस्पताल परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग अस्पताल के अंदर हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो की पूरी पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

वीडियो सामने आने के बाद चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों और संगठनों ने अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

डॉक्टरों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ विवाद और हिंसा की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा उठ गया है।

चिकित्सा संगठनों का कहना है कि डॉक्टर मरीजों के हित में फैसले लेते हैं और किसी भी स्थिति में उनके साथ हिंसा या दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अस्पताल प्रशासन ने लिया मामले का संज्ञान

अस्पताल प्रशासन की ओर से भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।

अस्पतालों में भीड़ नियंत्रण और विवाद की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में भी मामला चर्चा में

शिवसेना पार्षद से जुड़े होने के कारण यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने अस्पताल में हुई कथित मारपीट की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, अस्पताल कर्मचारियों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करना प्राथमिकता है।

ठाणे के इस मामले ने एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा, मरीजों के परिजनों के साथ संवाद और सार्वजनिक संस्थानों में अनुशासन बनाए रखने की जरूरत को सामने ला दिया है।

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