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ठाणे। शिवसेना (यूबीटी) के मानपाड़ा डिवीजन प्रमुख प्रदीप उर्फ बालू पूर्णेकर की हत्या के बाद ठाणे में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। पूर्णेकर पर मानपाड़ा इलाके में उनके कार्यालय के पास नकाबपोश हमलावरों ने हमला किया था। उन्हें गोली मारी गई और धारदार हथियार से भी हमला किए जाने की बात सामने आई है। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर की बाद में मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कई संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।
प्रदीप पूर्णेकर स्थानीय स्तर पर बालू पूर्णेकर के नाम से पहचाने जाते थे। वह शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट में डिवीजन प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हत्या के बाद उनके समर्थकों और परिवार के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
घटना के बाद बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र हुए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस थाने के बाहर भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे गुरुवार को ठाणे पहुंचे और प्रदीप पूर्णेकर के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मृतक की पत्नी, बच्चों और माता-पिता से बातचीत की तथा परिवार को न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिलाया।
परिवार ने उद्धव ठाकरे के सामने हत्या से पहले की घटनाओं और अपनी आशंकाओं की जानकारी रखी। परिजनों ने दावा किया कि हत्या के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हो सकती है। परिवार ने ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ये परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं और उनकी सत्यता पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिवार की शिकायत और बाद में सामने आए विवरण के आधार पर पुलिस ने पूरक एफआईआर में मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे के नाम को संदिग्ध आरोपियों के रूप में शामिल किया है। मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
दूसरी ओर मीनाक्षी शिंदे ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है और उन्हें निराधार बताया है। इस कारण पुलिस अब आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पूर्णेकर की बेटी ने अपने पिता के लिए न्याय की मांग की है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और हत्या की साजिश में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
हत्या के बाद से समर्थकों में भी भारी नाराजगी है। बड़ी संख्या में लोगों ने बालू पूर्णेकर के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। परिवार और समर्थकों ने मामले की जांच तेजी से पूरी करने की मांग की है।
पुलिस की ओर से अब तक कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेने और एक आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश भी कर रही है। जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या के वास्तविक कारण का पता लगाना है। शुरुआती जांच में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के साथ व्यक्तिगत विवाद और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने अभी किसी एक कारण को अंतिम रूप से हत्या का मकसद घोषित नहीं किया है।
जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। नकाब पहनकर आए हमलावरों की पहचान के लिए उनके आने-जाने के रास्तों का भी पता लगाया जा रहा है।
प्रदीप पूर्णेकर पर हमला उनके कार्यालय के पास किया गया था। हमले की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे।
पूर्णेकर की मौत के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया। शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की है।
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। हत्या में शामिल लोगों को पकड़ने और साजिश की पूरी कड़ी सामने लाने की कोशिश जारी है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई। जिन लोगों के नाम मामले में सामने आए हैं, उनके बीच आपसी संबंध और घटना से पहले की गतिविधियां भी जांच का हिस्सा हैं।
मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा ले सकती हैं।
हत्या की घटना ने ठाणे में स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े पार्टी पदाधिकारी पर हुए हमले के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
उद्धव ठाकरे की परिवार से मुलाकात के बाद शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामला केवल एक व्यक्ति की हत्या का नहीं, बल्कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने का है।
हालांकि आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं, इसलिए पुलिस जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका को अंतिम रूप से तय नहीं माना जा सकता।
परिवार का कहना है कि प्रदीप पूर्णेकर को पहले से खतरे की आशंका थी। उनके बेटे ने भी दावा किया है कि हत्या से पहले कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
फिलहाल ठाणे पुलिस ने जांच तेज कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश थी या कोई अन्य विवाद, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद उनके परिवार और समर्थकों की मुख्य मांग यही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।





