महाराष्ट्र

सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का प्रदर्शन: नौ लड़ाकू विमानों की फ्लाइट, Composite और Solo Phase

SHIDDHANT
21 Jan 2026 12:34 AM IST
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का प्रदर्शन: नौ लड़ाकू विमानों की फ्लाइट, Composite और Solo Phase
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Nasik नासिक: भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने अपने आगामी प्रदर्शन के लिए तैयारी पूरी कर ली है। टीम के एक सदस्य ने बताया कि यह विशेष फ्लाइट ऑपरेशन लगभग 40–45 मिनट तक चलेगा और इसे दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग को Composite Phase कहा गया है, जिसमें नौ फाइटर प्लेन्स एक साथ फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। टीम के सदस्य के अनुसार, इन विमानों के बीच की दूरी लगभग 5 मीटर रखी जाएगी, ताकि प्रदर्शन में पूर्ण सामंजस्य और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Composite
Phase के दौरान विमान हवा में कई जटिल एरोबेटिक मूवमेंट्स करेंगे, जिसमें क्लासिक और आधुनिक फॉर्मेशन फ्लाइट, कैनॉपी फ्लिप और सर्पिल डाइव जैसी तकनीकें शामिल होंगी।
टीम के सदस्य ने बताया कि Composite Phase के दौरान हर पायलट अपनी गति और ऊँचाई को सटीक ढंग से नियंत्रित करेगा, ताकि दर्शकों को एक सटीक और आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किया जा सके। यह चरण दर्शकों को सूर्यकिरण टीम की उच्चतम तकनीकी क्षमता और पायलटों की प्रशिक्षण दक्षता का अनुभव कराएगा। दूसरा भाग Solo Phase है, जिसमें टीम के अनुभवी पायलट स्वतंत्र रूप से प्रदर्शन करेंगे। इस हिस्से में पायलट सिंगल फ्लाइट में जटिल एरोबेटिक स्टंट्स दिखाएंगे, जैसे लूपिंग, रोलिंग, ट्विस्टिंग और उच्च गति वाले ट्रिक्स। Solo Phase का उद्देश्य दर्शकों को विमान चालकों की व्यक्तिगत क्षमता और साहसिक कौशल से परिचित कराना है।
टीम ने बताया कि प्रदर्शन का पूरा आयोजन वायुसेना के सुरक्षा मानकों और अंतरराष्ट्रीय एरोबेटिक शो प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जाएगा। सभी विमानों में नवीनतम नेविगेशन और सुरक्षा उपकरण स्थापित हैं, और प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा हेलिकॉप्टर और ग्राउंड कंट्रोल टीम सतत निगरानी बनाए रखेगी। सूर्यकिरण टीम का यह प्रदर्शन नासिक और आसपास के क्षेत्रों में एरोबेटिक प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगा। टीम का उद्देश्य न केवल तकनीकी कौशल दिखाना है, बल्कि युवाओं में वायुसेना और एरोबेटिक फ्लाइट के प्रति रुचि और प्रेरणा भी पैदा करना है।
टीम के सदस्य ने यह भी बताया कि Composite और Solo Phase के बीच विमान थोड़े समय के लिए ग्राउंडिंग के लिए लौटेंगे, जिससे तकनीकी जांच और ईंधन भरने का काम सुचारू रूप से किया जा सके। इसके बाद दोनों चरणों को निरंतरता के साथ पूरा किया जाएगा। नासिक स्थित वायुसेना स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रदर्शन के दौरान आसपास के इलाकों में वायु यातायात और सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा समस्या से बचा जा सके। इस प्रदर्शन को लेकर स्थानीय प्रशासन और वायुसेना अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे निर्धारित क्षेत्रों से ही इसे देखें और एयर शो के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें।
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