महाराष्ट्र

सड़क सत्याग्रह के सातवें दिन बढ़ा समर्थन, गड्ढा-मुक्त सड़कों की मांग जारी

Kavita2
21 Aug 2026 12:20 PM IST
सड़क सत्याग्रह के सातवें दिन बढ़ा समर्थन, गड्ढा-मुक्त सड़कों की मांग जारी
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पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले में सड़कों की खराब हालत और बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ शुरू किया गया ‘सड़क सत्याग्रह’ शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा। गड्ढा-मुक्त सड़कों की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ता विवेक तिवारी को अब पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ-साथ अन्य राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिला है।

यह आंदोलन मुंबई के बाहरी इलाके में आने वाले वसई-विरार क्षेत्र की बदहाल सड़कों और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के मुद्दे को लेकर शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र की कई सड़कों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिसके कारण रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से सड़क सुधार की मांग उठाए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए यह आंदोलन शुरू किया गया।

सातवें दिन भी जारी भूख हड़ताल

विवेक तिवारी का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन शुक्रवार को सातवें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन के दौरान गड्ढा-मुक्त सड़कों की मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं हैं, बल्कि किसी भी शहर या क्षेत्र के बुनियादी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

वसई-विरार क्षेत्र में बड़ी आबादी रहती है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग काम, शिक्षा, कारोबार और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़कों की खराब स्थिति का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण लोगों की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं।

CJP प्रतिनिधिमंडल ने दिया समर्थन

आंदोलन के सातवें दिन CJP के प्रतिनिधिमंडल ने विवेक तिवारी से मुलाकात कर उनके आंदोलन को समर्थन दिया। इसके अलावा अन्य राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सड़क सुधार की मांग का समर्थन किया।

समर्थन मिलने के बाद आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क का मुद्दा अब केवल एक व्यक्ति के विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा विषय बन गया है।

प्रदर्शनकारियों ने संबंधित प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसियों से सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।

खराब सड़कों से परेशान हैं लोग

वसई-विरार क्षेत्र में सड़क की स्थिति को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। बारिश के दौरान स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पानी भर जाने से कई बार सड़क पर मौजूद गड्ढे दिखाई नहीं देते।

इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए खराब सड़कें विशेष रूप से परेशानी का कारण बनती हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसी तरह की समस्याओं को सामने रखते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।

बुनियादी ढांचे पर भी सवाल

‘सड़क सत्याग्रह’ केवल गड्ढों की मरम्मत की मांग तक सीमित नहीं है। आंदोलन की पृष्ठभूमि में क्षेत्र के अपर्याप्त बुनियादी ढांचे का मुद्दा भी उठाया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं का विकास होना जरूरी है।

सड़कों के साथ-साथ यातायात, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

आंदोलन लंबा खिंचने के संकेत

विवेक तिवारी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी रहने के कारण आंदोलन के आगे लंबा खिंचने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग गड्ढा-मुक्त सड़कों को लेकर है।

आंदोलन को राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिलने के बाद प्रशासन पर भी दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से इस आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

लोगों की समस्याओं को उठाने का दावा

आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़कें खराब होने का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का समय बढ़ रहा है और वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ सकता है। इसके अलावा खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

इसी वजह से प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निरीक्षण कराने और प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों को भरने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहें।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

अब सभी की नजर इस बात पर है कि सात दिनों से चल रहे आंदोलन को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। यदि सड़क सुधार के संबंध में ठोस कार्रवाई होती है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है। वहीं, मांगों पर समाधान नहीं निकलने की स्थिति में भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है।

कुल मिलाकर, पालघर के वसई-विरार क्षेत्र में गड्ढा-मुक्त सड़कों की मांग को लेकर शुरू हुआ ‘सड़क सत्याग्रह’ सातवें दिन भी जारी है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे विवेक तिवारी को CJP प्रतिनिधिमंडल और अन्य राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिलने से आंदोलन को नया बल मिला है। प्रदर्शनकारियों ने खराब सड़कों के साथ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग उठाई है। अब प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए जाते हैं और आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

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