महाराष्ट्र

इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 में सुदर्शन पात्रा की रेत कला ने बटोरा ध्यान

SHIDDHANT
29 Oct 2025 8:59 PM IST
इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 में सुदर्शन पात्रा की रेत कला ने बटोरा ध्यान
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Mumbai मुंबई: इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 के मंच पर ओडिशा के प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पात्रा ने अपनी रेत कला के जरिए भारत की प्राचीन समुद्री विरासत को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब उन्हें “जय जगन्नाथ” कहकर अभिवादन किया, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सुदर्शन पात्रा ने मंच पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपनी नवीनतम सैंड आर्ट ‘बाली जात्रा’ (Bali Jatra) के बारे में विस्तार से बताया, जो ओडिशा की समृद्ध समुद्री परंपरा और इंडोनेशिया के साथ ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने मेरी कला की सराहना की और ‘जय जगन्नाथ’ कहकर अभिवादन किया। यह मेरे लिए गर्व का क्षण था कि मैंने देश के समुद्री इतिहास और ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर को रेत के जरिए प्रस्तुत किया।”
सुदर्शन पात्रा की इस कला ने बाली जात्रा के त्योहार की झलक को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि यह रचना ओडिशा के गौरवशाली अतीत का प्रतीक है, जब भारतीय नाविक कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर समुद्री यात्राओं पर निकलते थे। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि आज भी ओडिशा में कार्तिक पूर्णिमा और बाली जात्रा का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है, जो भारत की प्राचीन समुद्री शक्ति की याद दिलाता है। इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 का आयोजन मुंबई में किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के समुद्री विशेषज्ञ, नीति निर्माता, और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल हैं। इस मंच का उद्देश्य भारत की समुद्री क्षमता, व्यापारिक इतिहास और ब्लू इकॉनमी की संभावनाओं को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर सुदर्शन पात्रा की रेत कला को विशेष रूप से प्रदर्शनी क्षेत्र में स्थान दिया गया, जहां सैकड़ों प्रतिनिधियों ने उनकी कृति को नजदीक से देखा।
सुदर्शन पात्रा ने कहा कि रेत कला सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संदेश देने का माध्यम है। “मेरी कोशिश रहती है कि भारत की परंपरा, आध्यात्मिकता और प्रकृति से जुड़ी कहानियां अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचें,” उन्होंने कहा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुद्री इतिहास पर आधारित ‘नविक शक्ति’ थीम का उद्घाटन किया और कहा कि भारत का समुद्री इतिहास हजारों वर्षों पुराना है, जिसे नए युग की तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ाना होगा। सुदर्शन पात्रा की बाली जात्रा पर आधारित कला ने न सिर्फ ओडिशा की संस्कृति को वैश्विक पहचान दी, बल्कि भारत की प्राचीन समुद्री समृद्धि को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया।
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