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महाराष्ट्र
मेला देखकर लौट रहे छात्रों की बाइक दुर्घटनाग्रस्त, दो की मौत और तीन घायल
nidhi
21 Oct 2026 7:40 AM IST

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स्कूल लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में नवरात्र उत्सव देखकर आश्रम स्कूल लौट रहे पांच छात्र सड़क हादसे का शिकार हो गए। एक ही मोटरसाइकिल पर सवार इन छात्रों की बाइक फिसलकर सड़क किनारे गड्ढे में गिर गई। दुर्घटना में दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, छात्र बिना अनुमति छात्रावास से बाहर निकले थे। हादसे के बाद स्कूल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। प्रधानाध्यापक, छात्रावास वार्डन और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दुर्घटना सोमवार, 19 अक्टूबर की तड़के जव्हार तालुका में हुई। पांचों छात्र हीरादपाड़ा स्थित गगनगिरी आश्रम स्कूल में पढ़ते थे। वे पास के सरसुन गांव में नवरात्र उत्सव में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम से लौटते समय कोंगड़ी घाट के पास उनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसा तड़के करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुआ। दुर्घटना के समय सभी पांच छात्र उसी मोटरसाइकिल पर सवार थे।
मृतकों की पहचान 18 वर्षीय सुमित मोतीराम भिंगल और 15 वर्षीय प्रीतम गणेश पोटिंडा के रूप में हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार, एक छात्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। अन्य छात्रों को जव्हार के पतंगशाह कॉटेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दूसरे छात्र को भी मृत घोषित कर दिया। तीन घायल छात्रों को बेहतर उपचार के लिए नासिक के जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
घटनास्थल से गुजर रहे एक वाहन चालक ने दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्कूल लौटते समय ढलान वाले रास्ते के मोड़ पर मोटरसाइकिल फिसली थी। दुर्घटनास्थल आश्रम स्कूल से लगभग आठ से दस किलोमीटर दूर बताया गया है। हादसे में शामिल छात्र कक्षा नौ से बारहवीं तक के थे। इनमें दो छात्र नौवीं, एक दसवीं और दो बारहवीं कक्षा में पढ़ते थे।
छात्रों को मोटरसाइकिल मिलने के घटनाक्रम की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, एक गैर-आवासीय छात्र की मदद से स्थानीय व्यक्ति से बाइक ली गई थी। कथित तौर पर एक साथी छात्र की तबीयत गंभीर होने की बात कहकर मोटरसाइकिल मांगी गई। इसके बाद छात्र नवरात्र समारोह में शामिल होने चले गए। यह विवरण सामने आने के बाद छात्रावास से बाहर निकलने और बाहरी छात्रों की आवाजाही की निगरानी को लेकर स्कूल प्रबंधन की भूमिका जांच के दायरे में आई है।
स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ आवासीय छात्र रविवार रात स्कूल की बाड़ पार करके बाहर निकले थे। इसके बाद गैर-आवासीय साथी की मदद से उनके लिए मोटरसाइकिल की व्यवस्था हुई। उत्सव में शामिल होने के बाद सभी उसी वाहन से लौट रहे थे। इस घटनाक्रम ने सवाल खड़ा किया है कि रात में छात्रों के बाहर निकलने का पता जिम्मेदार कर्मचारियों को समय रहते क्यों नहीं चला और उनकी अनुपस्थिति पर तत्काल ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना की जांच समिति की रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने की जानकारी दी गई है। एक अधिकारी के अनुसार, गैर-आवासीय छात्रों को छात्रावास में प्रवेश की अनुमति दी जा रही थी। इसके अलावा, पहले चेतावनी दिए जाने के बावजूद सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इन कमियों के कारण छात्रावास में प्रवेश और बाहर जाने वालों की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ी है। हादसे के बाद प्रशासन ने स्कूल की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की है।
जव्हार के परियोजना अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी सिद्धार्थ रामकुमार ने घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। स्कूल प्रबंधन, प्रधानाध्यापक, वार्डन और चौकीदार को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, संस्थान ने संबंधित तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है। आगे की कार्रवाई में उनके जवाब और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल प्रशासन के सामने घायल छात्रों का उपचार सुनिश्चित करने के साथ यह स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है कि निगरानी में चूक कहां हुई और ऐसी घटना दोबारा रोकने के लिए क्या सुधार आवश्यक हैं।
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