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IIT बॉम्बे में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, साहिल वाकोडे की मौत पर न्याय की मांग

मुंबई। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (IIT-Bombay) में छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। रविवार को साहिल के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी संस्थान प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को संस्थान के छात्रावास में मृत्यु हुई थी। इसके बाद से परिसर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। रविवार को छात्रों के साथ साहिल के माता-पिता को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद संस्थान की जवाबदेही, छात्रों के अधिकार और परिसर में विरोध प्रदर्शन की अनुमति को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
IIT बॉम्बे परिसर में एक महीने से जारी है प्रदर्शन
Mumbai, Maharashtra: Students and others staged a protest outside IIT Bombay, demanding justice for Sahil Wakode, with Mumbai Police detaining several people https://t.co/O6SloLX6Ro
— IANS (@ians_india) October 18, 2026
साहिल वाकोडे की मौत के बाद से आईआईटी बॉम्बे में छात्र लगातार विरोध जता रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से पड़ताल की जानी चाहिए।
संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास कई दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। कुछ विद्यार्थी क्रमिक भूख हड़ताल में भी शामिल हुए हैं।
रविवार को विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि साहिल की मौत के लिए जिम्मेदारी तय की जाए और संस्थान प्रशासन मामले में पारदर्शिता बनाए रखे।
हालांकि, परिवार और प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं।
रविवार को पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लिया
रविवार सुबह आईआईटी बॉम्बे के मुख्य प्रवेश द्वार के पास बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक संगठनों के सदस्य एकत्र हुए।
प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
रिपोर्टों के अनुसार, परिसर के अंदर प्रदर्शन कर रहे लगभग नौ से दस विद्यार्थियों को पुलिस बस में बैठाकर ले जाया गया।
बाहर प्रदर्शन कर रहे अन्य लोगों को भी हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई है।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें साकी नाका पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था।
छात्र संगठनों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने का अधिकार देने की बात कही।
साहिल के माता-पिता को भी हिरासत में लिया गया
रविवार को साहिल वाकोडे के माता-पिता रविंद्र वाकोडे और सोनाली वाकोडे भी संस्थान पहुंचे थे।
वे अपने बेटे को श्रद्धांजलि देना चाहते थे और संस्थान प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखना चाहते थे।
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों ने संस्थान के रजिस्ट्रार को एक पत्र भी सौंपा।
इसके बाद पुलिस ने साहिल के माता-पिता और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को हिरासत में लिया।
परिवार के अधिवक्ता सिद्धार्थ इंगले को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
बाद में साहिल के माता-पिता को आजाद मैदान ले जाया गया।
परिवार लगातार मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
18 सितंबर को हुई थी साहिल वाकोडे की मौत
साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में बीटेक के विद्यार्थी थे। वह 18 सितंबर 2026 को अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मृत्यु आत्महत्या से हुई थी।
इस घटना के बाद छात्रों और परिवार ने संस्थान के भीतर हुई कुछ घटनाओं को लेकर सवाल उठाए।
रिपोर्टों के मुताबिक, साहिल पर एक परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के इस्तेमाल का आरोप लगा था।
इससे जुड़ी परिस्थितियों और बाद में संस्थान की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया।
हालांकि, साहिल की मृत्यु के पीछे किसी एक घटना या व्यक्ति की जिम्मेदारी अभी कानूनी रूप से स्थापित नहीं हुई है।
प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग
साहिल के माता-पिता ने संस्थान के एक प्रोफेसर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिवार का आरोप है कि साहिल के साथ कथित दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न हुआ था।
उन्होंने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला की गिरफ्तारी की मांग की है। संबंधित प्रोफेसर का नाम एफआईआर में शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, एफआईआर में नाम दर्ज होना अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
प्रदर्शनकारी छात्र और परिवार चाहते हैं कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।
दूसरी ओर, संबंधित आरोपों को लेकर संस्थान की आंतरिक जांच भी जारी होने की जानकारी है।
छात्र संगठनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में विभिन्न छात्र संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया है।
इनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन और अन्य सामाजिक संगठन शामिल हैं।
संगठनों ने संस्थान से स्वतंत्र जांच समिति गठित करने और पीड़ित परिवार की शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
इसके अलावा कुछ प्रदर्शनकारियों ने संस्थान में कथित जातिगत भेदभाव के आरोपों की भी जांच कराने की मांग उठाई है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
प्रदर्शन स्थल हटाने पर भी विवाद
रविवार की कार्रवाई के दौरान आईआईटी बॉम्बे के मुख्य प्रवेश द्वार के पास बनाए गए प्रदर्शन स्थल को भी हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
छात्र पिछले कई दिनों से इस स्थान पर न्याय की मांग करते हुए विरोध कर रहे थे।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के साथ वहां लगाए गए अस्थायी ढांचे को भी हटाया।
कुछ विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन वहां से ले जाया गया।
इस कार्रवाई को लेकर छात्र संगठनों और पुलिस प्रशासन के बीच मतभेद सामने आए हैं।
शिक्षण संस्थानों में छात्र सुरक्षा पर उठे सवाल
आईआईटी बॉम्बे की इस घटना ने उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता, शिकायत निवारण व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण सवाल सामने रखे हैं।
प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को शैक्षणिक दबाव के साथ व्यक्तिगत और सामाजिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थियों के लिए सुलभ परामर्श सेवाएं, निष्पक्ष अनुशासनात्मक प्रक्रियाएं और सुरक्षित शिकायत व्यवस्था महत्वपूर्ण होती हैं।
किसी विद्यार्थी की मृत्यु के मामले में निष्पक्ष जांच पीड़ित परिवार के साथ संस्थान के अन्य विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए भी आवश्यक होती है।
पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी नाराजगी
रविवार को छात्रों और साहिल के माता-पिता को हिरासत में लेने की घटना के बाद विरोध प्रदर्शन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
छात्र संगठन मामले में न्यायिक और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
वहीं, पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और परिसर के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।
हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई और उनके खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई के संबंध में अंतिम आधिकारिक जानकारी स्पष्ट नहीं है।
न्याय की मांग पर कायम है परिवार
साहिल वाकोडे की मृत्यु को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन उनके परिवार और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की न्याय की मांग जारी है।
परिवार ने संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
रविवार को पुलिस द्वारा छात्रों और परिजनों को हिरासत में लिए जाने से मामला फिर चर्चा में आ गया।
अब इस मामले में पुलिस जांच, संस्थान की आंतरिक जांच और संबंधित अधिकारियों की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।





