महाराष्ट्र

लोनावाला बस स्टैंड पर पानी की कीमत को लेकर सख्ती, Minister ने दिए कड़े निर्देश

Kavita2
30 April 2026 2:17 PM IST
लोनावाला बस स्टैंड पर पानी की कीमत को लेकर सख्ती, Minister ने दिए कड़े निर्देश
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Maharashtra महाराष्ट्र: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने गुरुवार को लोनावाला बस स्टैंड का निरीक्षण करते हुए यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने “नाथजल” ब्रांड की एक लीटर पानी की बोतल की कीमत को लेकर सख्त रुख अपनाया और चेतावनी दी कि निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने पर वेंडर का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान यात्रियों ने मंत्री को शिकायत की कि बस स्टैंड पर वही पानी की बोतल 20 रुपये में बेची जा रही है, जबकि मानक दर इससे कम होनी चाहिए। इस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने संबंधित वेंडर को स्पष्ट निर्देश दिया कि बोतल की कीमत 15 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और सभी विक्रेताओं को सही रेट बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।

सरनाइक ने कहा कि यात्रियों के लिए सस्ती और स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, खासकर गर्मी के मौसम में जब पानी की खपत बढ़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वेंडर को तय दर से अधिक कीमत वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यात्रियों ने एक और महत्वपूर्ण समस्या भी उठाई। उन्होंने बताया कि कई लंबी दूरी की बसें लोनावाला बस स्टैंड पर रुकने के बजाय सीधे प्राइवेट होटलों में रुकती हैं, जहां यात्रियों को महंगे दामों पर खाना और अन्य सुविधाएं लेनी पड़ती हैं। इससे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी निर्धारित बसों का ठहराव अनिवार्य रूप से लोनावाला बस स्टैंड पर ही कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट होटलों में बसों का रुकना यात्रियों के हित में नहीं है और इससे पारदर्शिता प्रभावित होती है।

सरनाइक ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बस सेवाओं की निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर यात्रियों से अनावश्यक शुल्क न लिया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का उद्देश्य लोगों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है, न कि उन्हें अतिरिक्त खर्च में डालना।

इस निरीक्षण और नए निर्देशों के बाद परिवहन विभाग में हलचल देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए नई व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे बस स्टैंड पर पारदर्शिता और सुविधाओं में सुधार होगा।

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