- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- Maharashtra सियासत में...
Maharashtra सियासत में हलचल, 6 सांसदों की पहली पसंद बनी BJP

Maharashtra महाराष्ट्र : की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 9 में से 6 सांसदों द्वारा पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने की खबरों ने राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। बीते गुरुवार को इन सांसदों ने पार्टी की ओर से जारी व्हिप को नजरअंदाज कर दिया और शीर्ष नेतृत्व द्वारा बुलाई गई बैठक में भी शामिल नहीं हुए।
इस घटनाक्रम के बाद यह अटकलें तेज हो गई थीं कि यह गुट शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो सकता है। लेकिन अब सामने आ रही नई जानकारी ने इस पूरे मामले को और भी दिलचस्प बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव गुट के असंतुष्ट सांसदों की प्राथमिक पसंद शिवसेना (शिंदे गुट) नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) बताई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह स्थिति महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए बदलाव का संकेत हो सकती है। पिछले कुछ समय से शिवसेना में लगातार अंदरूनी मतभेद और गुटबाजी की खबरें सामने आती रही हैं, जिसका असर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर भी देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इन सांसदों की नाराजगी पार्टी के भीतर निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व शैली को लेकर बताई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी भी सांसद ने सार्वजनिक रूप से अपने अगले कदम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में संभावित बदलाव की चर्चाएं तेज हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा और शिंदे गुट की ओर से भी औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह समूह भाजपा की ओर झुकता है, तो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
वर्तमान में महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही गठबंधनों और टूट-फूट के दौर से गुजर रही है। ऐसे में किसी भी बड़े राजनीतिक समूह का इधर-उधर होना आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
कुल मिलाकर, उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों की इस कथित बगावत ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह असंतुष्ट खेमाआने वाले दिनों में कौन सा राजनीतिक रुख अपनाता है—शिंदे गुट या भाजपा।





