महाराष्ट्र

Sharad Pawar's की गैरमौजूदगी और 23 विधायकों के गायब होने से बढ़ी हलचल

Ratna Netam
25 Jun 2026 3:38 PM IST
Sharad Pawars की गैरमौजूदगी और 23 विधायकों के गायब होने से बढ़ी हलचल
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सवाल खड़े हो गए हैं।

Maharashtra महाराष्ट्र : राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के भीतर मतभेद और असहमति की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बुधवार शाम को बुलाई गई गठबंधन की एक अहम रणनीतिक बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की अनुपस्थिति ने सियासी गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक से कुल 60 में से 23 विधायकों ने दूरी बनाई। इनमें केवल छोटे स्तर के नेता ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं की गैरमौजूदगी भी शामिल बताई जा रही है। इसी सूची में शरद पवार जैसे बड़े नामों का भी उल्लेख सामने आया है, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर और सवाल खड़े हो गए हैं।

हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की घटना ने पहले ही MVA की राजनीतिक स्थिति को कमजोर किया था। अब इस नई बैठक में इतनी बड़ी संख्या में विधायकों की अनुपस्थिति ने गठबंधन की स्थिरता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम केवल एक साधारण अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि गठबंधन के भीतर बढ़ती असंतोष की ओर इशारा करता है। लगातार हो रहे राजनीतिक बदलावों ने MVA के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने भावुक अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा, “क्या हम सच में एक साथ हैं?” उनके इस बयान को गठबंधन में बढ़ती दरार और भरोसे की कमी से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि गठबंधन के भीतर यह असंतोष इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका सीधा असर राज्य की राजनीतिक स्थिरता पर पड़ सकता है।

हालांकि, कुछ नेताओं का मानना है कि यह केवल रणनीतिक मतभेद हैं और समय के साथ स्थिति सामान्य हो सकती है। लेकिन मौजूदा हालात और हालिया घटनाएं इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि गठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

इस तरह MVA की अहम बैठक से बड़ी संख्या में विधायकों की गैरमौजूदगी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए सियासी भूचाल के संकेत दे दिए हैं, और अब सभी की नजरें आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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