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महाराष्ट्र
Kandivali में लेदर वर्कर्स के लिए स्किल ट्रेनिंग, पारंपरिक हुनर में आधुनिक तकनीक की ताकत
SHIDDHANT
24 Feb 2026 9:48 PM IST

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Kandivali कांदिवली। केंद्र सरकार की पहल पर कांदिवली (ईस्ट) स्थित अटल बिहारी वाजपेयी स्किल डेवलपमेंट सेंटर में लेदर वर्कर्स कम्युनिटी के लिए विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समाज के पारंपरिक और पिछड़े तबकों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल के तहत 20 प्रतिभागियों को 27 जनवरी से 24 फरवरी तक 25 दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के लिए केंद्रीय फुटवियर प्रशिक्षण संस्थान, आगरा से विशेषज्ञ प्रशिक्षक देवेंद्र तिवारी और मिथुन कुमार सिंह को नियुक्त किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को डर्बी बूट्स, पुरुषों के लिए स्टिच्ड चप्पल और महिलाओं के लिए चप्पल तैयार करने की आधुनिक तकनीक सिखाई गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और लेदर वर्कर्स समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
टेक्निकल ट्रेनर मिथुन कुमार राजपूत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मुंबई में लेदर टेक्नोलॉजी के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करने वालों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि 20 उम्मीदवारों को 25 दिनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें टीम वर्क के माध्यम से जूता निर्माण की बारीकियां सिखाई गईं।
उन्होंने कहा कि जो लोग पहले सड़क किनारे बैठकर जूते बनाते थे, वे अब नए डिजाइन के जूते, चप्पल और सैंडल बनाने में सक्षम हो गए हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन प्रशिक्षित युवाओं को लघु उद्योग या किसी कारखाने में अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि वे अपने कौशल के बल पर कई गुना अधिक आय अर्जित कर सकें।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले रामचंद्र ने बताया कि पहले वे फुटपाथ पर बैठकर जूते-चप्पलों की मरम्मत कर अपनी रोजी-रोटी चलाते थे। जब उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने आवेदन कर प्रशिक्षण लिया। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल टूटी चप्पल और जूतों की मरम्मत करते थे, लेकिन अब उन्हें जूते और चप्पल बनाने की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई है। इससे उनकी आमदनी में कई गुना वृद्धि होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि चमड़े की विभिन्न किस्मों के आधार पर उत्पाद की कीमत तय की जाती है और अब वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का लोगों को अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
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