महाराष्ट्र

DJ फ्री गणेश उत्सव की पहल श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ट्रस्ट ने किया समर्थन का ऐलान

SHIDDHANT
26 Aug 2026 9:56 PM IST
DJ फ्री गणेश उत्सव की पहल श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ट्रस्ट ने किया समर्थन का ऐलान
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Pune पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में गणेश उत्सव को लेकर श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट ने बड़ा ऐलान किया है। ट्रस्ट के उत्सव प्रमुख पुनीत बालन ने कहा है कि उनका रुख पिछले साल से ही साफ है कि पुणे शहर में DJ फ्री गणेश उत्सव को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव की परंपरा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी हुई है, इसलिए इसका आयोजन उसी भावना के साथ किया जाना चाहिए। पुनीत बालन ने कहा कि पुणे को गणेश उत्सव का केंद्र माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस उत्सव की शुरुआत साल 1892 में श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ने की थी और बाद में लोकमान्य तिलक ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया। उस समय गणेश उत्सव का उद्देश्य लोगों को एकजुट करना और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के लिए समाज को संगठित करना था।
उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और लोगों में एकता की भावना पैदा करने का माध्यम भी रहा है। इसलिए उत्सव के दौरान परंपरा और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। ट्रस्ट की ओर से DJ फ्री गणेश उत्सव का समर्थन करने के पीछे पर्यावरण और सामाजिक कारण भी बताए जा रहे हैं। आयोजकों का मानना है कि तेज आवाज वाले DJ सिस्टम से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को भी तेज आवाज से दिक्कत हो सकती है। पुनीत बालन ने कहा कि गणेश उत्सव की असली भावना भक्ति, संस्कृति और लोगों के बीच भाईचारे को मजबूत करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उत्सव को शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से मनाएं।
पुणे में हर साल गणेश उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है और देशभर से लोग इस आयोजन को देखने पहुंचते हैं। यहां के प्रसिद्ध गणपति मंडल अपनी परंपराओं, सजावट और सामाजिक संदेशों के लिए जाने जाते हैं। श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट ऐतिहासिक महत्व रखता है। ट्रस्ट का मानना है कि आधुनिक समय में भी गणेश उत्सव के मूल उद्देश्य को बनाए रखना जरूरी है। इसी सोच के तहत DJ मुक्त आयोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच ट्रस्ट के इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि पुणे के अन्य गणपति मंडल भी इस पहल को कितना समर्थन देते हैं। ट्रस्ट का कहना है कि गणेश उत्सव को भव्य बनाने के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक गरिमा और सामाजिक संदेश को भी बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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