महाराष्ट्र

Assam दौरे पर शिंदे ने 2022 के घटनाक्रम को याद किया

Kavita2
12 May 2026 1:41 PM IST
Assam दौरे पर शिंदे ने 2022 के घटनाक्रम को याद किया
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मंगलवार को असम के दौरे पर रहे, जहां वे असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान वे वर्ष 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम को याद करते हुए भावुक नजर आए, जब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ था।

समारोह के मौके पर शिंदे ने असम के उस समय के समर्थन को याद किया, जब 2022 में महाराष्ट्र में राजनीतिक विद्रोह के दौरान उन्हें और उनके साथ आए विधायकों को असम में ठहरने और राजनीतिक समर्थन से जुड़ी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वह समय उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक था, जिसने राज्य की राजनीतिक दिशा को बदल दिया।

शिंदे ने कहा कि उस दौर में मिली परिस्थितियों और सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजनीतिक संकट के समय मिले समर्थन को वे आज भी याद करते हैं।

वे असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां उन्होंने नए कार्यकाल के लिए सरमा को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कई नेता और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान माहौल औपचारिक और उत्सवपूर्ण रहा, जिसमें हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ कुछ अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।

एकनाथ शिंदे की इस यात्रा को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह दोनों राज्यों के नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक संबंधों और घटनाक्रमों की यादों को फिर से सामने लाती है।

शिंदे ने यह भी कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत राजनीतिक बदलाव स्वाभाविक हैं और हर स्थिति से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने असम की जनता और नेतृत्व की भी सराहना की।

इस दौरे के दौरान शिंदे की हिमंत बिस्वा सरमा के साथ मुलाकात भी हुई, जिसमें दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत हुई।

कुल मिलाकर, एकनाथ शिंदे का असम दौरा न केवल शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ा रहा, बल्कि 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम की यादों को भी फिर से जीवंत कर गया, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव की भूमिका निभाई थी।

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