महाराष्ट्र

शिंदे ने नई एम्बुलेंस का किया निरीक्षण

Kavita2
23 Sept 2026 10:18 AM IST
शिंदे ने नई एम्बुलेंस का किया निरीक्षण
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मुंबई। महाराष्ट्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार बड़े स्तर पर एम्बुलेंस बेड़े का विस्तार करने जा रही है। इमरजेंसी मेडिकल सर्विस प्रोजेक्ट के तहत जल्द ही नई एम्बुलेंस को सरकारी सेवा में शामिल किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को इन नई एम्बुलेंस का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को इन्हें जल्द से जल्द सेवा में उतारने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

राज्य की 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा के तहत कुल 1,756 एम्बुलेंस को बेड़े में शामिल करने की योजना है। इनमें गंभीर मरीजों के लिए एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट यानी ALS एम्बुलेंस से लेकर बेसिक लाइफ सपोर्ट यानी BLS एम्बुलेंस तक शामिल हैं। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाली अलग-अलग श्रेणी की एम्बुलेंस भी इस परियोजना का हिस्सा होंगी।

शिंदे ने नई एम्बुलेंस का किया निरीक्षण

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई एम्बुलेंस और उनमें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से वाहनों में उपलब्ध मेडिकल उपकरण, आपातकालीन सुविधाओं और इन्हें संचालन में लाने की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली।

निरीक्षण के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नई एम्बुलेंस को सेवा में शामिल करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंद मरीजों तक आपातकालीन चिकित्सा सहायता कम समय में पहुंच सके।

नई एम्बुलेंस के आने से राज्य में पहले से संचालित 108 इमरजेंसी सेवा की क्षमता में बड़ा विस्तार होने की उम्मीद है।

कुल 1,756 एम्बुलेंस होंगी शामिल

महाराष्ट्र की इमरजेंसी मेडिकल सर्विस परियोजना के तहत कुल 1,756 एम्बुलेंस को शामिल किया जा रहा है। इनमें अलग-अलग स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं वाली एम्बुलेंस होंगी, ताकि मरीज की स्थिति के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इनमें 255 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल होंगी। ALS एम्बुलेंस का इस्तेमाल आम तौर पर ऐसे गंभीर मरीजों के लिए किया जाता है जिन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्नत स्तर की चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

इसके अलावा 1,204 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस को भी बेड़े में शामिल किया जाएगा। BLS एम्बुलेंस का उपयोग मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाता है।

बाकी बेड़े में अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष श्रेणी के वाहन शामिल किए जाने हैं।

गंभीर मरीजों के लिए ALS एम्बुलेंस

एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाता है। दुर्घटना, हृदय संबंधी आपात स्थिति या अन्य गंभीर मामलों में ऐसी एम्बुलेंस मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान आवश्यक चिकित्सा सहायता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इनमें सामान्य एम्बुलेंस की तुलना में अधिक उन्नत मेडिकल उपकरण और आपातकालीन उपचार से जुड़ी सुविधाएं होती हैं। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से मरीज की स्थिति पर नजर रखते हुए उसे अस्पताल तक पहुंचाया जा सकता है।

राज्य के बेड़े में 255 ALS एम्बुलेंस शामिल होने से गंभीर मरीजों को समय पर उन्नत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी।

BLS एम्बुलेंस की संख्या सबसे ज्यादा

नई व्यवस्था में सबसे ज्यादा संख्या बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की होगी। कुल 1,204 BLS एम्बुलेंस को शामिल करने की तैयारी है। ये एम्बुलेंस राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मरीजों तक पहुंचने और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

BLS एम्बुलेंस में प्राथमिक चिकित्सा और मरीज के सुरक्षित परिवहन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बड़ी संख्या में इन वाहनों के शामिल होने से 108 सेवा की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों में समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध होना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसलिए नए वाहनों के आवंटन में अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाना महत्वपूर्ण होगा।

दुर्घटना के मामलों में महत्वपूर्ण है एम्बुलेंस सेवा

सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय को चिकित्सा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। घायल व्यक्ति को जितनी जल्दी प्राथमिक उपचार और अस्पताल की सुविधा मिलती है, उतना ही बेहतर चिकित्सकीय हस्तक्षेप संभव होता है।

108 जैसी आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं सड़क दुर्घटनाओं के अलावा अचानक तबीयत बिगड़ने, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने और अन्य मेडिकल इमरजेंसी में भी उपयोग की जाती हैं।

नई एम्बुलेंस के शामिल होने से उपलब्ध वाहनों की संख्या बढ़ेगी और आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों को भी फायदा

महाराष्ट्र का बड़ा हिस्सा ग्रामीण, आदिवासी और भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में फैला हुआ है। ऐसे इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए कई बार मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर परेशानी और बढ़ सकती है।

नई एम्बुलेंस को राज्य के अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में तैनात किए जाने से दूरदराज के मरीजों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि किस जिले को कितनी नई एम्बुलेंस दी जाएंगी, इसका पूरा विवरण आवंटन प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।

आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी एम्बुलेंस

नई एम्बुलेंस को केवल मरीजों के परिवहन के साधन के रूप में नहीं, बल्कि चलते-फिरते आपातकालीन चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर है। ALS और BLS श्रेणी के अनुसार इनमें आवश्यक मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके साथ ही एम्बुलेंस में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण होगा। आधुनिक मेडिकल उपकरण तभी प्रभावी साबित होते हैं, जब उन्हें संचालित करने वाले कर्मचारी प्रशिक्षित हों और आपात स्थिति में सही समय पर उचित निर्णय ले सकें।

जल्द सेवा में उतारने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नई एम्बुलेंस को जल्द से जल्द चालू करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है। इसके बाद संबंधित विभाग वाहनों की जरूरी औपचारिकताओं, उपकरणों की जांच और संचालन से जुड़ी तैयारियों को पूरा करने में जुटे हैं।

नई एम्बुलेंस सेवा में आने के बाद महाराष्ट्र की 108 इमरजेंसी मेडिकल सर्विस का दायरा और बढ़ जाएगा। कुल 1,756 एम्बुलेंस वाले प्रस्तावित बेड़े में 255 ALS और 1,204 BLS वाहनों के साथ विशेष श्रेणी की एम्बुलेंस भी शामिल होंगी। सरकार का जोर इन वाहनों को जल्द मैदान में उतारकर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुंच मजबूत करने पर है।

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