महाराष्ट्र

राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे पर शिंदे का उद्धव ठाकरे पर हमला

Kavita2
19 July 2026 11:06 AM IST
राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे पर शिंदे का उद्धव ठाकरे पर हमला
x

मुंबई : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शनिवार को शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के आरोपों को लेकर शुरू किए गए ‘राम रक्षा’ आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे और उनकी पार्टी की हिंदुत्व की राजनीति पर सवाल उठाए।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि जो लोग कभी राम भक्तों के खिलाफ बयान देते थे और कांग्रेस के साथ गठबंधन करते थे, वे अब भगवान राम और हिंदुत्व की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (UBT) ने अपने पुराने राजनीतिक रुख से हटकर ऐसे दलों के साथ गठबंधन किया, जिनकी विचारधारा हिंदुत्व, वीर सावरकर और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के विचारों से अलग रही है।

शिंदे का यह बयान उस समय आया है जब उद्धव ठाकरे ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और कथित अनियमितताओं के विरोध में ‘राम रक्षा’ आंदोलन शुरू किया है। इससे पहले शनिवार को उद्धव ठाकरे ने नागपुर स्थित एक राम मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती की थी। इसके बाद आयोजित सभा में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा था।

उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए धन और उससे जुड़े मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए। इसी के जवाब में शिंदे ने ठाकरे की राजनीति और हिंदुत्व के मुद्दे पर सवाल उठाए।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना की स्थापना हिंदुत्व और मराठी अस्मिता के मुद्दों पर हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ गठबंधन करके मूल विचारधारा से समझौता किया।

शिंदे ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों के साथ शिवसेना (UBT) ने हाथ मिलाया है, वे कथित रूप से हिंदुत्व, वीर सावरकर और बाल ठाकरे के विचारों का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दलों के साथ गठबंधन करने के बाद शिवसेना (UBT) ने पहले ही हिंदुत्व का रास्ता छोड़ दिया था।

महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदुत्व का मुद्दा लंबे समय से शिवसेना की पहचान का प्रमुख हिस्सा रहा है। बाल ठाकरे के दौर से ही पार्टी हिंदुत्व की विचारधारा को अपनी राजनीति का आधार बताती रही है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में शिवसेना में हुए विभाजन के बाद दोनों गुट खुद को असली शिवसेना और बाल ठाकरे की विचारधारा का उत्तराधिकारी बताते रहे हैं।

एकनाथ शिंदे ने अपने बयान में यह भी कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और लोग जानते हैं कि कौन हिंदुत्व के सिद्धांतों पर कायम है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी बाल ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रही है और हिंदुत्व के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।

वहीं, शिवसेना (UBT) लगातार यह आरोप लगाती रही है कि शिंदे गुट ने सत्ता के लिए शिवसेना की मूल विचारधारा और संगठन को कमजोर किया है। उद्धव ठाकरे कई मौकों पर कह चुके हैं कि उनकी पार्टी बाल ठाकरे के दिखाए रास्ते पर चल रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ हिंदुत्व की राजनीति कर रही है।

राम मंदिर से जुड़ा मुद्दा एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में आ गया है। दोनों शिवसेना गुट इस मुद्दे के जरिए अपने-अपने समर्थक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां शिंदे गुट खुद को हिंदुत्व की असली आवाज बता रहा है, वहीं उद्धव ठाकरे गुट भी राम और हिंदुत्व के मुद्दों को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहा है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदुत्व, राम मंदिर और बाल ठाकरे की विरासत जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दोनों गुटों के बीच वैचारिक लड़ाई अब सार्वजनिक मंचों पर भी तेज होती जा रही है।

फिलहाल, एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ‘राम रक्षा’ आंदोलन को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस ने राज्य में हिंदुत्व की राजनीति को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

Next Story