महाराष्ट्र

SEBI भवन के पास फुटपाथ के यूटिलिटी डक्ट में मिले अजगर के सात बच्चे

Kavita2
16 Jun 2026 3:06 PM IST
SEBI भवन के पास फुटपाथ के यूटिलिटी डक्ट में मिले अजगर के सात बच्चे
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Maharashtra महाराष्ट्र: सोमवार शाम मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब SEBI भवन के पास फुटपाथ पर बने एक यूटिलिटी डक्ट में अजगर के सात बच्चे पाए गए। इस घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मौके पर तुरंत रेस्क्यू टीम को बुलाया गया और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार, यह घटना SEBI भवन के पास पैदल चलने वाले मार्ग के नीचे बने इंटरनेट/यूटिलिटी डक्ट से जुड़ी है, जहां अचानक अजगर के बच्चों के दिखाई देने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों ने जब डक्ट के अंदर हलचल देखी तो तुरंत इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी। इसके बाद BKC पुलिस स्टेशन से वाप्रा फाउंडेशन को सूचना दी गई, जो वाइल्डलाइफ रेस्क्यू ऑपरेशन में सक्रिय है।

सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और डक्ट की जांच शुरू की। टीम ने सावधानीपूर्वक डक्ट को खोला और अंदर से अजगर के सात बच्चों को बाहर निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पूरी सतर्कता बरती गई ताकि किसी भी तरह की चोट या नुकसान न हो। सभी बच्चों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक रेस्क्यूअर यूटिलिटी डक्ट से एक-एक करके अजगर के बच्चों को बाहर निकाल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया और लोगों में भी इस घटना को लेकर उत्सुकता देखी गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, शहरों में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्य और भूमिगत संरचनाओं के कारण कई बार जंगली जीव जैसे सांप या अन्य जीव ऐसे स्थानों में पहुंच जाते हैं। यूटिलिटी डक्ट्स और पाइपलाइन जैसे बंद स्थान उनके लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बन सकते हैं, खासकर जब आसपास हरियाली या जल स्रोत मौजूद हो।

रेस्क्यू टीम ने बताया कि सभी अजगर के बच्चे स्वस्थ पाए गए और उन्हें सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास या सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़े जाने की प्रक्रिया की जा रही है। टीम ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं में लोगों को घबराने की बजाय तुरंत वन्यजीव रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए ताकि सुरक्षित तरीके से कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना के बाद इलाके में निरीक्षण बढ़ाने की बात कही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी अन्य जंगली जीव के लिए ऐसा स्थान खतरनाक स्थिति न बने।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि शहरी क्षेत्रों में भी वन्यजीवों की मौजूदगी संभव है और उनके सुरक्षित रेस्क्यू के लिए प्रशिक्षित टीमों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।

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