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दक्षिण मुंबई में सनसनीखेज SUV चोरी, चौकीदार को चकमा देकर चाबी लेकर फरार

Maharashtra महाराष्ट्र: दक्षिण मुंबई के डोंगरी इलाके में एक रिहायशी इमारत से लग्ज़री SUV चोरी होने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। लगभग 25 से 30 लाख रुपये कीमत की इस गाड़ी की चोरी के बाद पुलिस जांच जारी है, लेकिन तीन हफ्ते बीत जाने के बावजूद वाहन का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और रिहायशी इमारतों में चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना 2 जून की बताई जा रही है, जब डोंगरी क्षेत्र स्थित ‘वलासे फॉर्च्यूना’ नाम की रिहायशी इमारत से यह चोरी हुई। जानकारी के अनुसार, देर रात कुछ अज्ञात लोग एक बैंगनी रंग की कार में इमारत के बाहर पहुंचे और वहां तैनात चौकीदार से संपर्क किया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने चौकीदार से खालिद पटेल की SUV की चाबियां मांगीं। उन्होंने खुद को गाड़ी मालिक के परिवार का सदस्य या परिचित बताकर विश्वास में लिया। चौकीदार ने यह समझकर कि वे सही व्यक्ति हैं, बिना अधिक पूछताछ के चाबियां उन्हें सौंप दीं। इसी दौरान आरोपी मौके का फायदा उठाकर लग्ज़री SUV लेकर फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद जब असली गाड़ी मालिक या उनके परिवार को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। डोंगरी पुलिस स्टेशन में इस मामले में चोरी का केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने शुरुआती जांच में आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध वाहन की पहचान करने की कोशिश की। हालांकि, आरोपियों ने इतनी चालाकी से योजना बनाई थी कि अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
सूत्रों के अनुसार, चोरी की इस वारदात में शामिल लोग पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से आए थे। उन्होंने पहले इमारत की रेकी की और फिर चौकीदार को भ्रमित कर चाबियां हासिल कीं। इस तरह की वारदात से साफ है कि आरोपियों को इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और गाड़ी की जानकारी पहले से थी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है या किसी ने आरोपियों को गाड़ी और मालिक की जानकारी दी थी। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
लगभग 20 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस न तो चोरी हुई SUV का पता लगा पाई है और न ही आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो सकी है। इस वजह से मामले को लेकर गाड़ी मालिक और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिहायशी इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि चौकीदार और सामान्य सुरक्षा उपाय कई बार पर्याप्त नहीं होते।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई है और तकनीकी जांच के साथ-साथ संभावित संदिग्धों की तलाश की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध वाहन की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े शहरों में लग्ज़री वाहनों की सुरक्षा कितनी कमजोर हो सकती है, खासकर जब अपराधी योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और आरोपियों को पकड़ने के लिए सभी संभावित रास्तों पर काम किया जा रहा है। वहीं, गाड़ी मालिक भी अपनी ओर से जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, दक्षिण मुंबई की यह SUV चोरी की घटना न केवल एक बड़ी आपराधिक वारदात है, बल्कि यह शहरी सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करती है, जहां थोड़ी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।





