- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- साहिल वाकोडे के माता...
महाराष्ट्र
साहिल वाकोडे के माता पिता आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर
Ratna Netam
24 Sept 2026 8:21 PM IST

x
मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उनके माता-पिता ने गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। पिता रवींद्र वाकोडे और मां सोनाली वाकोडे ने बेटे की मौत की जांच में तेजी लाने और FIR में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिवार ने खास तौर पर IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग दोहराई।साहिल के परिवार का आरोप है कि संस्थान में उनके बेटे को जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। हालांकि ये परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं और मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। प्रोफेसर और IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम की ओर से भी आरोपों पर अलग पक्ष सामने आया है।
आजाद मैदान में शुरू किया अनशन
साहिल के माता-पिता पहले IIT बॉम्बे के पवई परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे। गुरुवार सुबह वे परिसर की ओर जा रहे थे, लेकिन उनके वकील के अनुसार पुलिस ने उन्हें भांडुप में रोका। मुंबई पुलिस का कहना था कि परिवार को आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी और अधिकारी उन्हें निर्धारित स्थल पर विरोध करने के लिए समझा रहे थे।इसके बाद रवींद्र और सोनाली वाकोडे आजाद मैदान पहुंचे और वहां अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। परिवार ने कहा कि जब तक मामले में उन्हें न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार बताए जा रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपनी मांग उठाते रहेंगे।
पिता ने की प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए रवींद्र वाकोडे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम लेते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पुलिस जांच पर सवाल नहीं उठा रहा है, लेकिन FIR में नामजद लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई चाहता है।परिवार पहले IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे और प्रोफेसर डूला के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर चुका है। साहिल के माता-पिता का आरोप है कि उनके बेटे को संस्थान में जातिगत टिप्पणियों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा था।इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी जांच का विषय है और किसी नामजद व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।
18 सितंबर को हुई थी साहिल की मौत
साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र थे। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले से थे। 18 सितंबर को वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे।उनकी मौत से कुछ घंटे पहले मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से जुड़ी एक घटना हुई थी। प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला उस परीक्षा में इनविजिलेटर थे। इसके बाद हुई घटनाओं और साहिल की मौत के बीच परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है।साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और संस्थान से जवाबदेही तथा छात्र कल्याण से जुड़े कई कदम उठाने की मांग की।
मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा
साहिल की मौत के बाद मामला शुरुआत में पवई पुलिस के पास था। छात्र प्रदर्शनों और परिवार की मांगों के बीच 19 सितंबर को जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।क्राइम ब्रांच अब मामले में घटनाक्रम की विस्तृत समयरेखा तैयार करने की कोशिश कर रही है। जांच में CCTV फुटेज की पड़ताल, संबंधित छात्रों और फैकल्टी सदस्यों के बयान तथा डिजिटल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा के दौरान हुई घटना से लेकर साहिल की मौत तक क्या-क्या हुआ और इस दौरान किन लोगों ने उनसे बातचीत की।
परिवार ने जातिगत भेदभाव का लगाया आरोप
साहिल के माता-पिता का कहना है कि उनके बेटे ने उनसे पहले भी कथित जातिगत टिप्पणियों और भेदभाव का जिक्र किया था। रवींद्र वाकोडे ने आरोप लगाया कि साहिल ने परिवार को बताया था कि संस्थान में उसे बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है।परिवार का कहना है कि इन आरोपों की गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।दूसरी ओर IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूला का पक्ष लेते हुए कहा है कि शिक्षक परीक्षा के दौरान संस्थान के नियमों के अनुसार अपना कर्तव्य निभाते हैं। फोरम ने निष्पक्ष जांच का समर्थन करते हुए कहा है कि कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।
IIT बॉम्बे ने जताया दुख
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे प्रशासन को अपने शुरुआती संचार को लेकर भी आलोचना का सामना करना पड़ा। संस्थान ने बाद में अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया को लेकर माफी मांगी और कहा कि मामले की परिस्थितियों की जांच जारी रहने के दौरान निष्कर्ष निकालना उचित नहीं था।छात्रों के विरोध के बाद कैंपस में छात्र कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर भी मांगें उठी हैं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से भी मिला परिवार
रवींद्र और सोनाली वाकोडे ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना से भी मुलाकात की और अपनी मांगें उनके सामने रखीं। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की।परिवार का कहना है कि वह मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई चाहता है। उनकी प्रमुख मांग FIR में नामजद लोगों की भूमिका की तेजी से जांच और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की है।
क्राइम ब्रांच की जांच पर टिकी नजर
साहिल वाकोडे की मौत को लेकर फिलहाल कई आरोप और अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। परिवार ने जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि फैकल्टी फोरम ने संबंधित प्रोफेसर के बारे में कहा है कि उन्होंने परीक्षा संबंधी नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।इन दावों की सत्यता तय करना जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। मुंबई क्राइम ब्रांच CCTV, डिजिटल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।इस बीच साहिल के माता-पिता ने आजाद मैदान से अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि वे बेटे की मौत के मामले में जवाबदेही और जल्द कार्रवाई चाहते हैं। अब नजर क्राइम ब्रांच की जांच और उससे सामने आने वाले तथ्यों पर है।
Next Story





