- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- Maharashtra में 1,722...

Maharashtra महाराष्ट्र: सरकार ने मुंबई में यातायात संपर्क को मजबूत करने के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक (वीबीएसएल) को बांद्रा किले के छोर से सावरकर सी ब्रिज तक जोड़ने के लिए 3.55 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इस परियोजना की कुल लागत 1,722.40 करोड़ रुपये तय की गई है।
Maharashtra सरकार की बुनियादी ढांचा संबंधी कैबिनेट उप-समिति ने इस परियोजना को गुरुवार को मंजूरी दी। इससे पहले 17 जून को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी, जिसके बाद अंतिम स्वीकृति दी गई।
Devendra Fadnavis की अध्यक्षता वाली उप-समिति ने इस परियोजना को औपचारिक मंजूरी प्रदान की। यह परियोजना मुंबई के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में यातायात कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और भीड़भाड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Maharashtra State Road Development Corporation (MSRDC) को इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। यह एजेंसी सड़क निर्माण, डिजाइन और कार्यान्वयन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,722.40 करोड़ रुपये है। इसमें 1,183.79 करोड़ रुपये केवल निर्माण कार्य पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा लागत में जीएसटी, भूमि अधिग्रहण और अन्य संबंधित खर्च भी शामिल हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य मुंबई के प्रमुख समुद्री मार्गों और पुलों को आपस में जोड़कर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है। वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक पहले से ही शहर की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल है, और अब इसके विस्तार से यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस सड़क के बनने से पश्चिमी मुंबई में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और रोजाना लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा। साथ ही, यह परियोजना मुंबई के तटीय विकास और शहरी ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
परियोजना के तहत बनने वाली 3.55 किलोमीटर लंबी सड़क सीधे प्रमुख पुलों और लिंक रोड नेटवर्क से जुड़ेगी, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि आपातकालीन सेवाओं और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी बेहतर गति मिलेगी। इससे मुंबई की परिवहन प्रणाली अधिक आधुनिक और प्रभावी बन सकेगी।
फिलहाल परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी, जिसके बाद निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।





