महाराष्ट्र

Maharashtra की लोनार क्रेटर झील में बढ़ता जलस्तर बना रहस्य, वैज्ञानिक भी हैरान

Kavita2
26 Jun 2026 12:18 PM IST
Maharashtra की लोनार क्रेटर झील में बढ़ता जलस्तर बना रहस्य, वैज्ञानिक भी हैरान
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Maharashtra महाराष्ट्र: जहां एक ओर तालाबों और झीलों के कंकालों में लगातार गिरावट आ रही है और पौधों के स्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोन क्रेटर झीलों में अपने बढ़ते अवशेषों को लेकर रहस्य बना हुआ है। इस असामान्य बदलाव में पिक्सेल और स्थानीय लोगों दोनों को शामिल किया गया है, क्योंकि इसका स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है।

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के बुलढाणा जिले में स्थित यह लोनार झील न केवल भारत की बल्कि दुनिया की अनोखी झीलों में गिनी जाती है। इस झील में अन्य जल स्रोतों के विपरीत वृद्धि हो रही है, जबकि पूरे क्षेत्र में पानी की कमी का आकलन किया जा रहा है।

लोनार क्रेटर झील उल्कापिंड से बनी क्रेटर के रूप में जानी जाती है और यह अपने भूवैज्ञानिक महत्व के कारण विश्व में प्रसिद्ध है। कुल के अनुसार यह क्रेटर लगभग 50,000 से 52,000 वर्ष पहले बना था, जब लगभग 20 लाख टन वजन का एक विशाल उल्कापिंड पृथ्वी से टकराया था।

इस टक्कर से दक्कन डायन की बेसाल्ट चट्टान एक विशाल बन गई, जिसका व्यास लगभग 1.83 किलोमीटर और गहराई करीब 150 मीटर है। समय के साथ यह पानी से एक झील में बदल गया, जिसे आजार लोन झील के नाम से जाना जाता है।

उल्कापिंड प्रभाव क्रेटर के रूप में पहचानी जाने वाली झील यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी क्रेटर झील मानी जाती है। इसकी भूगर्भीय संरचना और जल की रासायनिक विशेषताएँ और भी इसकी विशिष्टताएँ हैं।

स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, झील के तालाबों में बच्चों की वृद्धि एक असामान्य घटना है, क्योंकि आस-पास के अन्य जल स्रोत सूख रहे हैं या उनका स्तर कम हो रहा है। यह अंतर वैज्ञानिक समुदाय के अध्ययन का विषय बन गया है।

ऐसा माना जाता है कि इसके पीछे के भूगर्भीय प्रवाह, वर्षा ऋतु के पैटर्न या भूगर्भीय संरचनाओं में बदलाव जैसे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अभी तक किसी भी कारण की पुष्टि नहीं हो पाई है।

भूजल स्तर में गिरावट के बावजूद झील में पानी की कमी इस क्षेत्रीय जल संतुलन को लेकर कई सवाल उठा रही है। विशेषज्ञ इस घटना को प्राकृतिक जल संतुलन की जटिल प्रक्रिया का हिस्सा भी मान रहे हैं।

लोनारा झील समय-समय पर अपने रहस्यमयी व्यवहार के कारण चर्चा में रहती है। कभी इसके पानी के रंग में बदलाव, तो कभी इसकी रासायनिक संरचना में बदलाव, मसालों के लिए यह हमेशा एक शोध का विषय बनी रहती है।

वैज्ञानिक वैज्ञानिक अभिलेख इस झील के कंकाल में हो रहे बदलावों का अध्ययन कर रही हैं और विभिन्न वैज्ञानिक साक्ष्यों और भूवैज्ञानिक वैज्ञानिकों की जांच की जा रही है।

स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस रहस्यमयी बदलाव के केंद्र में एक बार फिर लोनारा झील की चर्चा की गई है।

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