महाराष्ट्र

नवरात्रि में धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मीट की दुकानों को रखना चाहिए बंद

SHIDDHANT
23 Sept 2025 11:10 PM IST
नवरात्रि में धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मीट की दुकानों को रखना चाहिए बंद
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Mumbai मुंबई : शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने नवरात्रि के पवित्र पर्व के दौरान देश में स्वच्छ और सात्विक वातावरण बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान जब हिंदू समुदाय मां दुर्गा की पूजा और उपासना में लीन रहता है, तब धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मीट की दुकानों को बंद रखना चाहिए। संजय निरुपम ने आगे कहा कि पिछले वर्ष भी यह मुद्दा उठाया था और पुलिस स्टेशन जाकर मांग की थी कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए नवरात्रि के दिनों में मीट की दुकानों को बंद रखा जाए। इस दौरान मांसाहार का खुलेआम व्यापार धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाता है। यदि किसी को इसकी आवश्यकता हो तो वह निजी तौर पर घर पर व्यवस्था कर सकता है।
कानपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ बैनर के नाम से निकाले गए जुलूस पर बोलते हुए संजय निरुपम ने कहा कि हर धर्म के अनुयायी का अपने भगवान से प्रेम करना स्वाभाविक और सराहनीय है। 'आई लव मोहम्मद' जैसे प्रयास सराहनीय हैं, क्योंकि हर धर्म के अनुयायी अपने भगवान से प्रेम करें, इसमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के आयोजनों का नतीजा हिंसा, तोड़फोड़, या मारपीट के रूप में नहीं निकलना चाहिए। धार्मिक आस्था का सम्मान हो, लेकिन वह शांति और सद्भावना के साथ जुड़ा रहना चाहिए।
संजय निरुपम ने हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों को सरल कर दो वर्गों 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत में बांटने से उपभोक्ताओं को सस्ता सामान और व्यापारियों को जटिल दरों से राहत मिली है। मोदी सरकार का यह कदम स्वागत योग्य और सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख नए गैस कनेक्शन देने की घोषणा का स्वागत किया। निरुपम ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख नए मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने का ऐलान किया है। इसका फायदा गरीब घरों की उन महिलाओं को मिलेगा, जिनके पास अब तक गैस कनेक्शन नहीं है। इस योजना से गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिलेगी, जिससे उनका जीवन स्तर सुधरेगा।
बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए संजय निरुपम ने कहा कि यह न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक गंभीर चुनौती है। सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है। मैन्युफैक्चरिंग और जीडीपी वृद्धि से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, और जीएसटी सुधारों से कारोबार और उपभोग को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सुधारों की जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए, न कि यह दावा करना चाहिए कि सरकार बेरोजगारी पर ध्यान नहीं दे रही।
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