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Pune के मोशी में कूड़े के ढेर से ढही इमारत में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

पुणे : महाराष्ट्र के पुणे शहर के पास मोशी इलाके में तीन मंजिला इमारत पर कूड़े का विशाल ढेर गिरने की घटना के करीब 72 घंटे बाद भी बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों और राहत एजेंसियों की टीमें मलबे में फंसे आठ लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, क्योंकि इमारत के ऊपर गिरे भारी कचरे और मलबे के कारण राहतकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल ने ढही हुई इमारत के ऊपरी स्लैब को लगभग तोड़ दिया है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।
भारी मशीनों के साथ चल रहा अभियान
अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य एजेंसियों की टीमें जुटी हुई हैं। ऑपरेशन को तेज करने के लिए विशेष विध्वंस मशीनों समेत करीब 15 उत्खनन मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रेस्क्यू टीमों को मलबे को सावधानीपूर्वक हटाना पड़ रहा है, क्योंकि आशंका है कि कुछ लोग अभी भी इमारत के अंदर फंसे हो सकते हैं। भारी कचरे और कमजोर ढांचे के कारण किसी भी तरह की जल्दबाजी से खतरा बढ़ सकता है।
शनिवार रात तक अभियान पूरा करने की कोशिश
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि NDRF की टीम शनिवार देर रात तक बचाव अभियान पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। टीम लगातार मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों की तलाश में लगी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता अभी भी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परिजनों में बढ़ रही बेचैनी
घटना में लापता लोगों के परिजन लगातार मौके पर मौजूद हैं और अपने प्रियजनों के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे बचाव अभियान के कारण परिवारों की चिंता और बेचैनी बढ़ती जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ परिजनों का धैर्य जवाब देने लगा है और मौके पर भावनात्मक स्थिति बनी हुई है। प्रशासन लगातार उन्हें स्थिति की जानकारी दे रहा है।
कूड़े के भारी दबाव से हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मोशी में तीन मंजिला इमारत पर कूड़े का एक बड़ा ढेर गिर गया था, जिसके कारण इमारत का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कई लोग मलबे में फंस गए।
घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। NDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियों ने मिलकर अभियान शुरू किया।
सुरक्षा को ध्यान में रखकर हटाया जा रहा मलबा
रेस्क्यू टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कूड़े का ढेर और क्षतिग्रस्त इमारत दोनों अस्थिर स्थिति में हैं। ऐसे में मलबा हटाते समय अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
विशेषज्ञों की निगरानी में मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों को नुकसान न पहुंचे और बचाव कार्य सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।
प्रशासन ने जारी रखा निगरानी अभियान
स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। बचाव दलों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी संभावित लोगों तक पहुंच नहीं बना ली जाती, तब तक अभियान जारी रहेगा।
मोशी हादसे के बाद राहत एजेंसियां पूरी क्षमता के साथ जुटी हुई हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।





